चाचा शरद पवार की एनसीपी को चुनाव आयोग ने बताया असली एनसीपी अजित पवार गुट की
07 Feb, 2024
521
संवाददाता/ in24 न्यूज़.
एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को चुनाव आयोग ने बड़ा झटका देते हुए कहा कि अजीत पवार गुट ही असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) है। आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि शरद पवार गुट को नया नाम और चुनाव चिह्न सात फरवरी को अलॉट किया जाएगा। चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर शरद पवार को अपने नए राजनीतिक दल का नाम रखने के लिए विशेष छूट दी है। इसके लिए आयोग ने शरद पवार को तीन नाम देने को कहा है। ये नाम बुधवार शाम तीन बजे तक देने होंगे। बता दें कि जुलाई 2023 में अजित एनसीपी के 40 विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। गठबंधन सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम भी बनाया गया है। शरद से बगावत के बाद अजित ने दावा किया था कि एनसीपी का बहुमत उनके पास है। इसलिए पार्टी के नाम और सिंबल पर उनका अधिकार है। अजित ने 30 जून को चुनाव आयोग में याचिका दायर कर एनसीपी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा किया था। दूसरी तरफ शरद पवार ने पार्टी छोड़कर जाने वाले नौ मंत्रियों समेत 31 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। बता दें कि प्रफुल पटेल ने आयोग के फैसले का स्वागत किया है तो वहीं संसद सुप्रिया सुले ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को चुनाव आयोग ने बड़ा झटका देते हुए कहा कि अजीत पवार गुट ही असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) है। आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि शरद पवार गुट को नया नाम और चुनाव चिह्न सात फरवरी को अलॉट किया जाएगा। चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर शरद पवार को अपने नए राजनीतिक दल का नाम रखने के लिए विशेष छूट दी है। इसके लिए आयोग ने शरद पवार को तीन नाम देने को कहा है। ये नाम बुधवार शाम तीन बजे तक देने होंगे। बता दें कि जुलाई 2023 में अजित एनसीपी के 40 विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। गठबंधन सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम भी बनाया गया है। शरद से बगावत के बाद अजित ने दावा किया था कि एनसीपी का बहुमत उनके पास है। इसलिए पार्टी के नाम और सिंबल पर उनका अधिकार है। अजित ने 30 जून को चुनाव आयोग में याचिका दायर कर एनसीपी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा किया था। दूसरी तरफ शरद पवार ने पार्टी छोड़कर जाने वाले नौ मंत्रियों समेत 31 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। बता दें कि प्रफुल पटेल ने आयोग के फैसले का स्वागत किया है तो वहीं संसद सुप्रिया सुले ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।