महाराष्ट्र में एनसीपी विधायकों की जासूसी, पुलिस से विवाद
संवाददाता/in 24 न्यूज़।
महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने जिस तेजी से राजभवन जाकर राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी के समक्ष शपथ ली, उसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में जो संभवतः कभी नहीं हुआ था वैसा होने लगा. यहां तक सरकार बनानेवाले सभी राजनीतिक दल अपने विधायकों पर जमकर नज़र रखने के काम में जुट गए. गौरतलब है कि महाराष्ट्र में शनिवार को हुए राजनीतिक उलटफेर पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद, राज्य, फडणवीस और अजित पवार को नोटिस जारी किया है. अब सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के आदेश पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. इसके बावजूद मुंबई में सियासी हलचल पल-पल बदल रही हैं. जिस होटल रेनेशां में एनसीपी के विधायकों को ठहराया गया है, वहां पर देर शाम उस वक्त हंगामा हो गया, जब कुछ सादी वर्दी में पुलिसवाले इन विधायकों की जासूसी कर रहे थे. जिससे एनसीपी नेताओं वऔर विधायकों की जमकर बहस हो गई, जिसके बाद एनसीपी ने अपने विधायकों को दूसरे होटल शिफ्ट कर दिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल होटल जेडब्ल्यू मैरिएट में ठहरे हुए अपने विधायकों से मिलने पहुंचे हैं. उनके साथ अन्य नेता अशोक चव्हाण, बालासाहेब थोराट, सुशील कुमार शिंदे और मल्लिकार्जुन खडग़े भी थे. जासूसी के डर से एनसीपी ने अपने विधायकों को होटल रेनेसां से होटल हृयात में शिफ्ट किया गया है. टीवी चैनलों के मुताबिक होटल रेनेसां में सादी वर्दी में पुलिसवाले मौजूद थे, जिससे एनसीपी विधायक भड़क गए. इस दौरान पुलिसवालों और विधायकों के बीच बहस भी हुई. अजित पवार के साथ शपथ ग्रहण में पहुंचे दिलीप बनकर भी लौट आए हैं. उन्होंने कहा, मैं हमेशा पवार साहब के साथ हूं. मैं उनसे मिला और बताया कि मेरा बच्चा बीमार था. इसलिए मुझे नासिक जाना पड़ा. इसलिए मैं बैठक में समय से नहीं पहुंच पाया. हम एनसीपी का समर्थन कर रहे हैं न कि भाजपा का. एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भाजपा पर अपने विधायक को छिपाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि 50 विधायक अभी हमारे साथ हैं, लेकिन चार विधायकों को भाजपा के लोगों ने कहीं छिपा रखा है. हालांकि हम उनसे संपर्क बनाए हुए हैं, वो जल्दी लौट आएंगे.