मुझपर लोगों का आशीर्वाद, डंडों का असर नहीं : पीएम मोदी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
पीएम नरेंद्र मोदी आज असम में कोकराझार पहुंचे। बोडो समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद पीएम मोदी का यह पहला असम दौरा है। कोकराझार में होने वाले समारोह में प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस दौरान पीएम मोदी ने 'भारत माता की जय' के नारे लगवाए।प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की डंडा टिप्पणी पर एक चुटकी ली और कहा कि कुछ नेता उन्हें लाठी से पीटने की बात करते हैं, लेकिन "भारत की सभी माताओं" के आशीर्वाद से उनकी रक्षा होती है। " उन्होंने मुझे लाठी से पीटने के बारे में कहा, लेकिन मैं भारत की सभी माताओं के आशीर्वाद से बच गया हूं। मैं अपना सम्मान देता हूं और आप सभी को धन्यवाद देता हूं। मैं यहां असम के सभी लोगों में एक नया विश्वास जगाने के लिए हूं। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी" ने कहा था कि अगर प्रधानमंत्री देश में बेरोजगारी के मुद्दे को हल करने में असमर्थ हैं, तो युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाठी से मारेंगे। "प्रधानमंत्री अब भाषण दे रहे हैं, लेकिन छह महीने बाद, वह अपना घर भी नहीं छोड़ पाएगा। कांग्रेस के नेता ने दिल्ली चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत के युवा उन्हें लाठी से पीटेंगे और यह समझेंगे कि यह देश तब तक प्रगति नहीं कर पाएगा जब तक कि उन्हें नौकरी नहीं दी जा सकती। पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन असम सहित पूरे नॉर्थईस्ट के लिए 21वीं सदी में एक नई शुरुआत, एक नए सवेरे का, नई प्रेरणा को स्वागत करने का है। अब असम में अनेक साथियों ने शांति और अहिंसा का मार्ग स्वीकार करने के साथ ही, लोकतंत्र को स्वीकार किया है, भारत के संविधान को स्वीकार किया है। आज का दिन उन हजारों शहीदों को याद करने का है, जिन्होंने देश के लिए अपने कर्तव्य पथ पर जीवन बलिदान किया। आज जो उत्साह, जो उमंग मैं आपके चेहरे पर देख रहा हूं, वो यहां के 'आरोनाई' और 'डोखोना' के रंगारंग माहौल से भी अधिक संतोष देने वाला है. पीएम मोदी पीएम मोदी के दौरे से पहले और बोडो शांति समझौते के स्वागत में कोकराझार जिले में लोगों ने लाखों दिए जलाकर अपनी खुशी जाहिर की। गुरुवार को कोकराझार दीयों की रोशनी से जगमगा गया। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद से यह प्रधानमंत्री का पहला पूर्वोत्तर दौरा होगा। प्रदर्शनों में तीन व्यक्ति मारे गए थे। उन्होंने एक ट्वीट किया, ‘‘कल मैं असम में दौरे को लेकर उत्सुक हूं। मैं एक जनसभा को संबोधित करने के लिए कोकराझार में रहूंगा। हम बोडो समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किये जाने का जश्न मनाएंगे जिससे दशकों की समस्या का अंत होगा। यह शांति और प्रगति के नये युग की शुरूआत का प्रतीक होगा।''