गृह मंत्री अमित शाह ने देश से घुसपैठियों को निकालने का लिया संकल्प
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को गुजरात के भुज स्थित 176वीं बटालियन परिसर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 61वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। अमित शाह ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और देश में नक्सलवाद के घटते प्रभाव का भी ज़िक्र किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे घुसपैठियों का पता लगाकर उन्हें खदेड़ देंगे।
अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ और सशस्त्र बलों की बहादुरी की भी सराहना की। उन्होंने कहा, बीएसएफ और सेना की बहादुरी के कारण, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कुछ ही दिनों में पाकिस्तान ने एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर दी। इससे पूरी दुनिया को यह स्पष्ट हो गया कि भारत के सीमा और सुरक्षा बलों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए, अन्यथा उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने आगे कहा, हमारे बलों ने नौ जगहों पर हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय, प्रशिक्षण शिविर और लॉन्च पैड नष्ट कर दिए। इस ऑपरेशन का उद्देश्य आतंकवाद का सफाया और हमारे नागरिकों, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा करना था। बीएसएफ ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वह दिन दूर नहीं जब यह देश हमेशा के लिए नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने देशवासियों से मतदाता सूची के लिए एसआईआर प्रक्रिया का पूरा समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया देश और लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। शाह ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया हर घुसपैठिए को मतदाता सूची से हटा देगी।
अमित शाह ने आगे कहा कि मैं आज स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम इस देश से हर घुसपैठिए को बाहर निकालेंगे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया देश और हमारे लोकतंत्र को सुरक्षित रखने के लिए है। किसी दल का नाम लिए बिना शाह ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल घुसपैठियों को बाहर निकालने के इस अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार चुनाव में जनता एनडीए को पहले ही जनादेश दे चुकी है।