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राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण से सीखी क्रिकेट की बारीकियां, कौन है वैभव सूर्यवंशी ?

29 Apr, 2025 193
संवाददाता/in24 न्यूज़।
क्रिकेट की दुनिया में 28 अप्रैल 2025 से एक नए सितारे की चमक ने सबको चकाचौंध कर दिया है .वैभव सूर्यवंशी उम्र सिर्फ 14 साल, लेकिन कमाल ऐसा कि क्रिकेट के बड़े-बड़े धुरन्धर भी इनकी ताऱीफ करने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। 28 अप्रैल के पहले शायद ही ये नाम किसी ने सुना होगा। लेकिन सवाई मानसिंग स्टेडियम में बल्ले का जो वैभव दिखा उसने क्रिकेट की कई शानदार परियो को पीछे छोड़ दिया .आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी ने वो कारनामा करके दिखाया जिसके लिए न जाने कितने क्रिकेटर्स अपना पूरा क्रिकेटिंग कॅरिअर लगा देते हैं. जो सफलता और लोकप्रियता वैभव को सिर्फ अपने तीसरे ही मैच से मिल गयी उसके शायद वैभव ने भी नहीं सोचा होगा।
      वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार को सवाई मानसिंह स्टैडियम में अपने बल्ले से जो कहर बरपाया उससे न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए एक नयी संजीवनी मिल गयी बल्कि क्रिकेट जगत में भी एक नए तूफ़ान की एंट्री हो गयी। 35 गेंदों में शतक मारने वाले वैभव का ये सिर्फ तीसरा ही मैच था। लेकिन इनका गज़ब का कॉन्फिडेंस देख कर क्रिकेट जगत हर धुंरधर दंग है ; बिहार के इस लड़के ने गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ 35 गेंदों में सेंचुरी ठोककर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला। वैभव टी 20 शतक बनाने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए. उन्होंने अपना शतक महज 35 गेंदों में पूरा किया. उन्होंने मुकाबले में गेंदबाजों के खिलाफ 11 छक्के और सात चौके लगाए थे. इन 11 छक्कों में से तीन 85 मीटर से ज्यादा और दो 90 मीटर से ज्यादा की दूरी से आए. इनमें से कुछ तो सवाई मानसिंह स्टेडियम के स्टैंड की छत पर भी गिरे. वैभव की 38 गेंदों पर खेली गई 101 रनों की तूफानी पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 210 रनों का टारगेट महज 15.5 ओवर में हासिल कर लिया. उन्होंने एक ऐसी पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत को आश्चर्यचकित कर दिया।
 
       वैसे तो वैभव के बचपन के कोच मनीष ओझा है लेकिन आज वैभव ने अपने बल्ले से जो कीर्तिमान रचा है उसके पीछे भारतीय क्रिकेट के दो महारथी है. नाम है वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ इन दो दिग्गजों ने वैभव को तराशा और क्रिकेट की दुनिया में चमकने के लिए तैयार किया.राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जब सवाई मानसिंह स्टेडियम में शतक पूरा किया, तो वो सिर्फ एक ऐतिहासिक पल नहीं था, वो एक सपना था, संघर्षों की कहानी थी, और एक अटूट विश्वास का नतीजा था. गुजरात टाइटंस के खिलाफ जब वैभव मैदान पर उतरे तो सामने एक पहाड़ सा लक्ष्यथा 210 रनों का.इतना बड़ा लक्स्य t20 में आईपीएल जैसे फॉर्मेट में चेस करना easy नहीं होता है ये हम सुब जानते है कहने को वैसे तो इसी सीजन में 245 रन का स्कोर चेज हो चुका था, लेकिन उस टीम में बड़े-बड़े धुरंधर थे, जबकि इस समय एक 14 साल का न्यू कमर क्रीज पर था. वैभव ने केवल 35 गेंद पर ही 100 रन बनाकर बड़े स्कोर को बौना बना दिया. वैभव की 11 छक्के और 7 चौके वाली पारी के दम पर राजस्थान ने मात्र 15.5 ओवर में ही 212 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया.
       आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र के शतकवीर बनने के बाद वैभव ने अपनी सफलता के पीछे की पूरी कहानी बताई और ये भी बताया की किस तरह से स्ट्रगल उनको और उनके परिवार को करना पड़ा है इस सफलता को देखने के लिए . भावुक होते हुए उन्होंने अपने माता-पिता को अपनी सफलता का पूरा श्रेय दिया, जिनकी तपस्या और त्याग ने उनकी इस यात्रा की नींव रखी. वैभव ने गर्व और आभार से भरी हुई आवाज में कहा, “मैं जो भी हूं, यहां तक अपने माता-पिता की वजह से हूं.” वैभव ने अपनी मां के बारे में बात करते हुए कहा, “,उनकी माँ ये पूरा धयान रखती है की जो लक्ष्य वैभव ने तय किया है उसके लिए कोई कमी न रह जाये इसकी वजह से उन्हें सिर्फ 3 घंटे की नींद ही मिल पाती है ” वैभव ने अपने पिता के संघर्ष के बारे में बात करते हुए कहा, कि उनके पिता परिवार के अकेले कमाने वाले थे, लेकिन उनके लिए अपनी नौकरी छोड़ दी ताकि वे पूरी तरह वैभव के क्रिकेट करियर पर ध्यान दे सकें. वहीं उनका बड़ा भाई परिवार की ज़िम्मेदारी संभाल रहा है. वैभव ने कहा, “पापा भी मम्मी के साथ उठते हैं. पापा ने काम भी छोड़ दिया है. मेरा बड़ा भाई पापा का काम संभाल रहा है. घर बहुत मुश्किल से चल रहा है. वैभव के पिता को पूरा विश्वास था की वैभव अपने जीवन में हर सफलता प्राप्त करके रहेंगे ये उनका विश्वास है वैभव ने बताया की उनके पिता हमेशा उन्हें ये विश्वास दिलाते है की वैभव की काबिलियत उन्हें सफलता के शिखर पर पंहुचा के रहेगा .” वैभव ने आगे कहा, “भगवान देखते हैं कि मेहनत करने वाले को कभी असफलता नहीं मिलती. आज जो सक्सेस दिख रही है वो मेरे पैरेंट्स की वजह से ही है.” राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों के मार्गदर्शन और संजू सैमसन, यशस्वी जायसवाल और रियान पराग जैसे सीनियर खिलाड़ियों से मिलते प्रोत्साहन ने उन्हें मैदान में आत्मविश्वास से भर दिया.
   दुनिया के बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों का सामना करते हुए भी वैभव का माइंडसेट साफ और निडर रहा. आईपीएल की अपनी पहली गेंद पर छक्का मारना इस बात का संकेत मात्र है की 14 साल के इस खिलाडी में आत्मविश्वास किस कदर भरा हुआ है। ..वैभव ने बस तीन मैच पहले ही अपना डेब्यू किया था और तीसरे मैच में ही यह ऐतिहासिक शतक जड़ दिया . गुजरात के खिलाफ तो वैभव ने मोहम्मद सिराज, इशांत शर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान जैसे गेंदबाजों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ रन बटोरे. वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ एक रिकॉर्ड तोड़ पारी नहीं है, बल्कि वर्षों के अदृश्य संघर्षों की कहानी है, जिसका दृढ़ विश्वास ने बांधे रखा है. वैभव ने बताया कि कैसे प्रोफेशनल क्रिकेट में उनका पहला कदम राजस्थान रॉयल्स की ट्रायल में शानदार प्रदर्शन से शुरू हुआ और कैसे रोमी भिंडर, विक्रम राठौर और जुबिन भरूचा की अहम भूमिका रही उन्हें टीम तक लाने में. उन्होंने कहा, “जब टीम में आया था, सबसे पहले रोमी सर का कॉल आया था.
       राहुल द्रविड़ सर से बात करना, उनके अंडर ट्रेनिंग करना, एक सामान्य क्रिकेटर के लिए किसी सपने से कम नहीं.” राहुल द्रविड़ ने भी जब नीलामी में वैभव को रिकॉर्ड 1.10 करोड़ रुपये में टीम के साथ जोड़ा था, तभी कहा था कि हम उसे सबसे अच्छा माहौल देंगे.वैभव सूर्यवंशी गुजरात टाइटन्स के खिलाफ महज 35 गेंदों में शतक जड़कर आईपीएल में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए. सोमवार (28 अप्रैल) को उनके जादुई शतक के दम पर राजस्थान रॉयल्स ने जीत के लिए 210 रनों का लक्ष्य 25 गेंदें बाकी रहते हासिल कर लिया.आईपीएल के इतिहास का यह दूसरा सबसे तेज शतक है. वैभव 38 गेंदों में 101 रन बनाकर आउट हुए आईपीएल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने अप्रैल 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिए 30 गेंदों में शतक जमाया था

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