7 रूस ने भारत से मंगाया पेट्रोल, चर्चा में नायरा एनर्जी की भूमिका
रूस ने भारत से पेट्रोल की एक बड़ी खेप मंगाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 42 हजार टन पेट्रोल भारत से रूस भेजा गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस की कुछ रिफाइनरियों के कामकाज पर असर पड़ा है। इसी वजह से रूस में ईंधन की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि भारत से भेजी गई पेट्रोल की खेप रूस के लिए महत्वपूर्ण है। रूस दुनिया के बड़े तेल उत्पादकों में शामिल है, लेकिन कुछ रिफाइनरियों पर हमलों और संचालन में आई रुकावट के कारण घरेलू ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में देश को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे स्रोतों से पेट्रोल मंगाना पड़ रहा है।
इस पूरे मामले में नायरा एनर्जी की भूमिका भी चर्चा में है। नायरा एनर्जी भारत में बड़ी रिफाइनरी चलाने वाली कंपनियों में शामिल है और रूस की कंपनी रोसनेफ्ट की इसमें बड़ी हिस्सेदारी है। भारत से रूस भेजी गई पेट्रोल की खेप के बीच कंपनी का नाम सामने आने के बाद इस सौदे पर भी नजर बनी हुई है।
रूस में ईंधन की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन को लेकर पहले से दबाव की खबरें आती रही हैं। ड्रोन हमलों से रिफाइनिंग क्षमता पर असर पड़ने के बाद रूस ने पेट्रोल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आयात का सहारा लिया है। ऐसे समय में भारत से भेजी गई पेट्रोल की खेप दोनों देशों के बीच ऊर्जा कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल रूस को भेजी गई 42 हजार टन पेट्रोल की खेप और नायरा एनर्जी की भूमिका को लेकर चर्चा जारी है। आने वाले समय में रूस की घरेलू ईंधन आपूर्ति और रिफाइनरियों की स्थिति पर नजर रहेगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि रूस अपनी ईंधन जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे किन देशों से आयात करता है।