बहन की शादी से नाराज़ भाई ने काटा जीजा का सिर
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आज भी प्यार के दुश्मनों की कमी नहीं है. शान बचाने के लिए लोग किसी भी हद से गुज़र जाते हैं, मगर उनके हाथ शिव पछताने के और कुछ नहीं होता. बता दें कि जबलपुर में बहन के प्रेम विवाह करने से नाराज एक भाई ने ऐसा खूनी खेल खेला जिसे जानकर आपकी रूह कांप जाएगी। आरोपी युवक धीरज शुक्ला ने अपनी ही बहन के सुहाग की बेरहमी से हत्या कर दी। जीजा विजेत कश्यप को मौत के घाट उतारने के बाद युवक उसका कटा हुआ सिर बाइक से थाने लेकर पहुंचा और सरेंडर कर दिया। जिले के रमनगरा इलाके में बृहस्पतिवार सुबह आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया। उसने विजेत कश्यप के सिर को कुल्हाड़ी से मार-मारकर धड़ से अलग कर दिया। इतने पर भी जब उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उसने शव के हाथ का पंजा काट दिया। इसके बाद वह सिर व पंजे को बोरी में भरकर सात किमी दूर तिलवारा थाने पहुंच गया। वहीं, अपने भाई द्वारा पति पर किए गए इस बेरहमी का पता चलते ही पूजा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दरअसल, विजेत की हत्या की सूचना मिलते ही उसके स्वजन मौके पर पहुंच गए, जहां विजेत का कटा सिर देखकर उसकी पत्नी पूजा बेहोश हो गई। जिसे उसके स्वजन घर ले गए। कुछ देर बाद जब विजेत के स्वजन घर पहुंचे, तो देखा कि पूजा भी फांसी पर लटकी हुई है। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद जांच शुरू कर दिया। जानकारी के मुताबिक़ आरोपी धीरज शुक्ला शंकरघाट का रहने वाला है। थाने में उसे मृतक के एक कटे हुए हाथ, सिर और कुल्हाड़ी के साथ देखकर पुलिस दंग रह गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए मामला दर्ज कर लिया। धीरज ने पुलिस को बताया कि मैं और विजेत दोस्त थे, लेकिन विजेत ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर धीरज की बहन को घर से भगाकर शादी कर ली थी। मैं इसी अपमान का बदला लेना चाहता था। मैंने पहले विजेत का सिर काटा, फिर पंजा। एसी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि आरोपी ने सरेंडर किया है। विजेत का धड़ और हत्या में प्रयुक्त हंसिया बरामद कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार मृतक विजेत के ममेरे भाई फूटाताल और अन्य स्वजनों ने आरोप लगाया है कि पूजा ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या की गई है। उनका कहना है कि विजेत की हत्या करने के बाद आरोपियों ने पूजा को फांसी पर लटका दिया। यह हत्या पूरी योजना बनाकर की गई है, ताकि किसी को संदेह न हो। वह नहीं चाहते थे कि पूजा अपने भाई और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ गवाही दे। बता दें कि इस हादसे के बाद कई ज़िंदगियां खत्म हो गईं।