मां ने बेटे की हत्या कर आत्मसमर्पण किया
संवाददाता/in24 न्यूज़.
अपनी औलाद के लिए एक मां पूरी दुनिया से टक्कर ले सकती है, मगर जब उसे अपनी औलाद की हरकतों से तकलीफ होती है तब वह अपनी मर्यादा तक तोड़ देती है. गुंटूर स्थित एटी अग्रहोरम के 8वें लाइन इलाके में मां ने अपने कलयुगी बेटे को मौत के घाट उतार दिया। बेटे की हत्या के बाद वह नगरपालेम पुलिस थाने गई और आत्मसमर्पण किया। बेटा शराब, गांजा और ड्रग्ज का आदि बन गया था। पैसे के लिए वह हर रोज मां को प्रताड़ित करता था। मां ने पैसे देने से इनकार किया तो देर रात 1 बजे घर से बाहर चला जाता और अलस सुबह 4 बजे घर वापस लौटता था। बताया गया कि बेटे के देर रात घर से जाकर अलस सुबह 4 बजे लौटता तो मां उसे पूछती कि वह इतनी रात गये कहां जा रहा है। इस पर कुछ नहीं बताता और सो जाता। कुछ दिनों के बाद मां को पता चला कि उसका बेटा अपनी बूरी आदतों को पूरा करने के लिए चोरियां कर रहा है। इस बीच उसने रात एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की। इस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया। जेल से रिहा होने के बाद बेटे के रवैये में बदलाव नहीं हुआ। वह बुरी आदतों को पूरा करने के लिए गुंटूर में चोरियां करने के साथ घर आ कर मां को प्रताड़ित करता। मां उसके रवैये से तंग आ चुकी थी। इस क्रम में बेटा एक दिन शराब के नशे में चूर घर आया और मां के साथ झगड़ा कर सो गया। नगरपालेम पुलिस थाने के एसएचओ ए मल्लिकार्जुन राव ने बताया कि वल्लपु पोतुराजु और सुमलता दंपति की दो संताने हैं। बेटी की शादी हो गई और बेटा सिद्धार्थ सीमेंट का काम करता था। सुमलता म्युनिसिपालिटी में सफाईकर्मी है। बचपन से ही सिद्धार्थ अपने दोस्तों के साथ बुरी आदतों का आदी बन गया। पैसों के लिए वह मां को पत्थर से पीटता और प्रताड़ित करता। वह एक छोटी लड़की के साथ असभ्य बर्ताव करने पर वह विजयवाड़ा में 14 महीने की जेल की सजा काट चुका था। मगर मां ने जिस तरह उसे सज़ा दी उससे समझा जा सकता है कि मां का दिल दुखाना किसी भी सूरत में सही नहीं है.