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सबरीमाला मंदिर गोल्ड मिसिंग केस, अगले हफ्ते आएगी एसआईटी रिपोर्ट

27 Jun, 2026 110

केरल के सबसे प्रसिद्ध और पूजनीय मंदिर सबरीमाला से 4.54 किलोग्राम सोने के गायब होने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बेहद संवेदनशील मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अगले सप्ताह अदालत में अंतिम रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है। इसलिए, इस चर्चित मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।

यह मामला 2019 में मंदिर के जीर्णोद्धार से संबंधित है। मंदिर के द्वारपाल की मूर्तियां, गर्भगृह के फ्रेम और अन्य सोने की परत चढ़ी हुई वस्तुओं को दोबारा सोने की परत चढ़ाने के लिए चेन्नई की एक निजी कंपनी में भेजा गया था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस प्रक्रिया के दौरान, मूल सोने की परत को रासायनिक रूप से हटाया गया और उसमें छेड़छाड़ की गई।

मंदिर में मूर्तियां और अन्य वस्तुएं लौटाए जाने के बाद उनका वजन नहीं किया गया था। हालांकि, बाद में न्यायिक जांच और विशेष आयुक्त की रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि मंदिर के विभिन्न हिस्सों से कुल 4.54 किलोग्राम सोना गायब हो गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केरल उच्च न्यायालय ने एक विशेष जांच दल गठित करने का आदेश दिया था।

जांच के दौरान सहायक पुजारी उन्नीकृष्णन पोट्टी को गिरफ्तार किया गया। उन पर मंदिर की सोने की परत चढ़ी मूर्तियों और अन्य वस्तुओं को दोबारा परत चढ़ाने के लिए भेजने का आरोप है। तीन महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन एसआईटी ने उनसे कई बार विस्तार से पूछताछ की है। अब तक इस मामले में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है और तकनीकी विशेषज्ञों, मंदिर प्रशासन के अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से भी गहन पूछताछ की गई है।

शुक्रवार को एसआईटी ने मुख्य आरोपी से आठ घंटे तक पूछताछ की। अदालत को यह भी सूचित कर दिया गया है कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। इसलिए, सभी की निगाहें अंतिम रिपोर्ट और संभावित आरोपपत्र पर टिकी हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित आरोपियों के खिलाफ अदालती कार्यवाही का रास्ता साफ होगा।

सबरीमाला मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां आते हैं और बड़ी मात्रा में सोना और अन्य कीमती वस्तुएं दान करते हैं। ऐसे में मंदिर में कथित सोने की हेराफेरी का मामला सिर्फ वित्तीय गबन नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर प्रशासन पर भरोसे से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा माना जा रहा है। इसलिए, पूरे देश की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर कितना सोना गायब हुआ, इसके पीछे कौन साजिशकर्ता था और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

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