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झारखंड पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का बड़ा आंदोलन, जंतर मंतर पर भूख हड़ताल शुरू

05 Aug, 2026 20

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर इस समय देश की सबसे बड़ी छात्र आवाज गूंज रही है। झारखंड के सैकड़ों छात्र पेपर लीक के विरोध में पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। जो आंदोलन रांची की गलियों से शुरू हुआ था, वह अब राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। छात्रों का सीधा आरोप है कि सरकारी भर्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और पेपर लीक माफिया ने युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। छात्रों की मुख्य मांग सिर्फ एक है - पूरे मामले की सीबीआई जांच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। जंतर मंतर पर लगे बैनर और पोस्टरों पर लिखा है "हमारा भविष्य मत बेचो"। ठंड, गर्मी और भूख की परवाह किए बिना छात्र तिरंगा लेकर बैठे हैं।

आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई - रांची से दिल्ली तक का सफर

यह आंदोलन अचानक नहीं शुरू हुआ। पिछले 6 महीनों में झारखंड में हुई 4 बड़ी भर्तियों के पेपर लीक होने के सबूत छात्रों के हाथ लगे। सबसे पहले जासासइ सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक हुआ। फिर शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती और अंत में विधानसभा क्लर्क की परीक्षा का पेपर भी बाजार में बिकता मिला। रांची में जब छात्रों ने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद छात्रों ने फैसला किया कि अब आवाज दिल्ली तक पहुंचानी होगी। 50 छात्रों का एक दल पैदल, ट्रेन और बस से होते हुए दिल्ली पहुंचा। 5 अगस्त 2026 को उन्होंने जंतर मंतर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्र नेता अभिजीत दीपके ने कहा "हम तब तक नहीं उठेंगे जब तक प्रधानमंत्री कार्यालय से सीबीआई जांच का आदेश नहीं आ जाता"।

छात्रों की 5 बड़ी मांगें क्या हैं

जंतर मंतर पर बैठे छात्रों ने सरकार के सामने 5 सूत्री मांग पत्र रखा है:

1. सीबीआई जांच: झारखंड की सभी सरकारी भर्तियों की पिछले 3 साल की सीबीआई से जांच कराई जाए।
2. दोषियों की गिरफ्तारी: पेपर लीक माफिया, कोचिंग संचालक और भ्रष्ट अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
3. नई भर्ती: लीक हुए सभी पेपर रद्द करके 90 दिन के अंदर नई परीक्षा कराई जाए।
4. कड़ा कानून: पेपर लीक करने वालों के लिए 10 साल जेल और 1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान हो।
5. आयोग का पुनर्गठन: जेअसससी और अन्य भर्ती आयोगों में पारदर्शिता लाने के लिए नए सदस्यों की नियुक्ति हो।

छात्रों का कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो यह आंदोलन और बड़ा होगा।

 जंतर मंतर पर छात्रों की दिनचर्या कैसी है

सुबह 5 बजे छात्रों का दिन शुरू हो जाता है। प्रार्थना, फिर नारेबाजी। दोपहर में मेडिकल टीम आकर स्वास्थ्य जांच करती है। कई छात्रों का वजन कम हो गया है और कुछ को चक्कर भी आ रहे हैं। रात में छात्र तिरंगे के नीचे सोते हैं। दिल्ली की जनता भी इस आंदोलन के साथ है। लोग खाने-पीने का सामान, पानी और दवाइयां लेकर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर #JharkhandPaperLeak ट्रेंड कर रहा है। Gen Z के यूट्यूबर और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर भी छात्रों का समर्थन कर रहे हैं।

 सरकार और विपक्ष का क्या रुख है


झारखंड सरकार ने कहा है कि एसआईटी जांच चल रही है और 12 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन छात्र एसआईटी से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि एसआईटी के अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। विपक्षी दलों ने छात्रों का समर्थन किया है। सीजीपी संगठन के अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर पर छात्रों से मुलाकात की और आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा "यह सिर्फ झारखंड का मुद्दा नहीं है, यह पूरे देश के युवाओं का मुद्दा है"।

 

पेपर लीक माफिया कैसे काम करता है - छात्रों का खुलासा
  
छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पेपर लीक का रैकेट बहुत बड़ा है। परीक्षा से 24 घंटे पहले व्हाट्सएप ग्रुप में PDF भेज दी जाती है। एक पेपर की कीमत 5 लाख से 15 लाख तक होती है। इसमें कोचिंग माफिया, प्रिंटिंग प्रेस वाले और कुछ सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। एक छात्र ने कहा "हम रात दिन पढ़ते हैं और कोई पैसों से नौकरी खरीद लेता है। यह अन्याय कब तक चलेगा"।

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