गाली के इस्तेमाल से दिमाग स्वस्थ: सर्वेक्षण
संवाददाता/in24 न्यूज़.
जिस गाली को लोग हिकारत से सुनते हैं, उसी गाली के बारे में बड़ी जानकारी सामने आई है कि इसके इस्तेमाल से आप अपना दिमाग संतुलित रख सकते हैं. गौरतलब है कि हमारे आस-पास कई सारे ऐसे लोग होते हैं, जो बात-बात पर गालियां निकालते हैं. गाली निकालने वाले को हमेशा गंदा समझा जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि गाली निकालने से आपका दिमाग स्वस्थ रहता है! आपको हम आज कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो गाली तथा स्वास्थ्य से संबंधित हैं. यदि आपके ना चाहते हुए भी मुह से गाली निकल जाती है, और आपको कोई शर्मिंदगी भी नहीं होती. तो इसका मतलब यह है कि आपका दिमाग कई तरह के फ्रस्ट्रेशन को दूर कर देता है. हम कई गालियों को जाने अनजाने देते रहते हैं. कई बार हम अपने दोस्तों के सामने भी गाली निकाल देते हैं. इससे आपके दोस्त नाराज भी हो जाते हैं. हम अक्सर देखते हैं कि मुह से गालियां निकालने के बाद हमें कुछ सुकून मिलता है. इससे हम रिलेक्स फील करते हैं. ऐसा लगता है कि जैसे दिल पर रखा बोझ हल्का हो गया है. हालांकि जब हम बचपन में गलती से किसी को गाली दे देते थे. तो मांं-पापा हमारी जमकर पिटाई करते थे. तब किसी को साला और बे बोल देना भी गाली के बराबर होता था. आज वक्त बदल गया है और हम कई तरह की गालियों का खुलेआम इस्तेमाल करते हैं. यहां तक कि कई बार हम ख़ुशी का इजहार करते समय भी अपने दोस्तों को गालियां दे देते हैं. इसके अलावा कई बार हम गुस्से में गाली दे देते हैं. अब साइंस ने भी प्रूव कर दिया है कि गाली देने से आप कुछ हद तक अपने गुस्से को कम कर पाते हैं और इससे आपका दिमाग तरोताजा रहता है. कीन यूनिवर्सिटी में एक स्टडी में यह बात सामने आई थी कि गाली देने से हमारे दिल को सुकून मिलता है. स्टडी के अनुसार, गाली देने से हमारी परेशानियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है. यूनिवर्सिटी ने कुछ छात्रों के गाली देने पर रिसर्च की. स्टूडेंट्स के हाथों को इस दौरान अत्यधिक ठंडे पानी में डाला गया. जो छात्र इस प्रक्रिया के दौरान गाली दे रहे थे, वो अपना हाथ ज्यादा देर तक पानी में डाले रखने में सफल रहे. जबकि जो छात्र गाली नहीं दे रहे थे उन्होंने थोड़ी देर में ही अपना हाथ पानी से बाहर खींच लिया.