ट्रांसजेंडर से भेदभाव करने पर 2 वर्ष की जेल, शिकायतों पर दो दिन के भीतर कार्रवाई के निर्देश
महाराष्ट्र में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार और भेदभाव की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। महाराष्ट्र राज्य के पुलिस महानिदेशक कार्यालय के अंतर्गत नागरिक अधिकार संरक्षण विभाग की ओर से इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया गया है। इसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने, उनके अधिकारों का संरक्षण करने और पुलिस प्रशासन में संवेदनशीलता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
जारी परिपत्र में शिकायतों के निपटारे को लेकर विशेष जोर दिया गया है। संबंधित नियमों के प्रावधानों के अनुसार, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की शिकायत प्राप्त होने के बाद दो दिनों के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ित व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना और उनके लिए न्यायिक एवं कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच आसान बनाना है।
सामाजिक भेदभाव, अपमान, उत्पीड़न, सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश से वंचित किए जाने और अन्य प्रकार के अन्याय का सामना करने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए यह निर्देश महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। समयबद्ध कार्रवाई से पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत करने और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
परिपत्र में राज्य के प्रत्येक पुलिस आयुक्तालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कार्यक्षेत्र में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के संरक्षण के लिए संरक्षण कक्ष स्थापित करने के प्रावधान का भी उल्लेख किया गया है। इसके माध्यम से समुदाय के लोगों की शिकायतों पर ध्यान देने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने, उनके अधिकारों का सम्मान करने और पुलिस कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक सुविधाओं से वंचित करना, निवास स्थान छोड़ने के लिए मजबूर करना तथा जीवन, सुरक्षा और स्वास्थ्य को खतरे में डालने जैसी परिस्थितियों में कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
इस परिपत्र में केंद्र सरकार के ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019, संबंधित नियम, 2020 और महाराष्ट्र शासन की ट्रांसजेंडर नीति, 2024 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। विभागीय तृतीयपंथी व्यक्ति अधिकार संरक्षण एवं कल्याण मंडल, मुंबई विभाग की सह-अध्यक्षा सोनाली चौकेकर के विशेष प्रयासों और निरंतर अनुवर्तन को भी इस विषय को प्रशासन के समक्ष प्रभावी रूप से उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, इस परिपत्र का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना, शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना और पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाना है।