देश में एच3एन2 इंफ्लुएंजा वायरस का खतरा, मास्क लगाना ज़रूरी
संवाददाता/in24 न्यूज़
पिछले कुछ हफ़्तों से देशभर में एच3एन2 इन्फ्लुएंज़ा वायरस तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण लोगों में खांसी, बुखार, मतली, उलटी, गले में खराश और दस्त जैसे लक्षण दिखाई है। ऐसे में एम्स के पूर्व निदेशक रणदीप गुलेरिया ने इस बीमारी कि जानकारी देते हुए कहा कि यह बीमारी कोरोना की तरह ही फ़ैल रही है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी कोरोना कि तरह ही ड्रॉप्लेट्स से फैलती है। डॉ गुलेरिया ने लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसे गंभीर बीमरी से ग्रस्त लोगों को अधिक सावधानी बरतनी जरुरी है। जिस प्रकार एच3एन2 इन्फ्लुएंज़ा की बिमारी लोगों में बढ़ रही है, उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद ज़रूरी है। साथ ही बार - बार हाथ धोना भी आवश्यक है। जैसे कि यह बीमारी ड्रॉप्लेट्स से अधिक फैलती है ऐसे में लोगों को पहले के जैसे ही मास्क लगाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि दूसरों में यह संक्रमण ना फैलें। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि इन्फ्लुएंजा के लिए भी हाई रिस्क वाले ग्रुप और बुजुर्गों के लिए वैक्सीन उपलब्ध है।
इसके अलावा लोग इस बीमारी से तुरंत निजात पाने के लिए एंटीबायोटिक का इस्तेमाल कर रहे है। लेकिन आईएमए के डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि लोग एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करने से बचें। क्योंकि आवश्यकता के अनुसार एंटीबायोटिक लेना सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है। बिना आवश्यकता के अनुसार एंटीबायोटिक लेना इम्यूनिटी पावर को कम कर सकता है। बीमारी के लक्षण के अनुसार ही इलाज कराएं।