आपका मोबाइल बताएगा सामान असली है या नकली
28 Jul, 2020
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संवाददाता/in24 न्यूज़.
आज के दौर में लगभग हर हाथ में मोबाइल फ़ोन दिख जाता है. मोबाइल फ़ोन के अंदर अनेक खूबियां भी होती है. मगर अब मोबाइल एक ऐसा काम करने में सक्षम है जिससे ये पता चलेगा कि आपने जो सामान लिए है वह असली है या नकली! केंद्र की मोदी सरकार एक ऐसा मोबाइल ऐप लेकर आई है, जिससे पलक झपकते ही पता चल जाएगा कि सामान असली है या नकली. एक दिन पहले ही उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने इस मोबाइल ऐप को लॉन्च किया है. इस मोबाइल ऐप का नाम है BIS-Care. इस ऐप के जरिए अब उपभोक्ता, आईएसआई और हॉलमार्क गुणवत्ता प्रमाणित उत्पादों की प्रामाणिकता की जांच कर सकते हैं. इस ऐप को किसी भी एंडॉयड फोन में डाउनलोड कर ऑपरेट किया जा सकता है. इस बाबत उन्होंने लिखा कि विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भारतीय मानक ब्यूरो के मोबाइल ऐप BISCARE और eBIS पोर्टल http://MANAKONLINE.IN का लोकार्पण किया. अब मोबाइल ऐप के जरिए BIS और इसके द्वारा तैयार मानकों के संबंध में पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है."बता दें कि ये ऐप ग्राहकों को असली और नकली सामान में फर्क बताएगा. यदि आप बाजार से कोई कूकर या अन्य सामान ख़रीदते हैं तो उसपर आईएसआई का निशान लगा रहता है. यदि इसके बाद भी आपको शंका है कि कूकर उस ब्रांड का नहीं लग रहा, जिसका उसपर नाम लिखा है तो इसे आप BIS CARE ऐप पर आईएसआई निशान का नम्बर लिख कर ब्रांड और उस कंपनी के बारे में भी जान सकते हैं. तकनीकी क्रांति के इस दौर में इस सुविधा से ग्राहकों में जानकारी भी बढ़ेगी और उसका लाभ भी.
आज के दौर में लगभग हर हाथ में मोबाइल फ़ोन दिख जाता है. मोबाइल फ़ोन के अंदर अनेक खूबियां भी होती है. मगर अब मोबाइल एक ऐसा काम करने में सक्षम है जिससे ये पता चलेगा कि आपने जो सामान लिए है वह असली है या नकली! केंद्र की मोदी सरकार एक ऐसा मोबाइल ऐप लेकर आई है, जिससे पलक झपकते ही पता चल जाएगा कि सामान असली है या नकली. एक दिन पहले ही उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने इस मोबाइल ऐप को लॉन्च किया है. इस मोबाइल ऐप का नाम है BIS-Care. इस ऐप के जरिए अब उपभोक्ता, आईएसआई और हॉलमार्क गुणवत्ता प्रमाणित उत्पादों की प्रामाणिकता की जांच कर सकते हैं. इस ऐप को किसी भी एंडॉयड फोन में डाउनलोड कर ऑपरेट किया जा सकता है. इस बाबत उन्होंने लिखा कि विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भारतीय मानक ब्यूरो के मोबाइल ऐप BISCARE और eBIS पोर्टल http://MANAKONLINE.IN का लोकार्पण किया. अब मोबाइल ऐप के जरिए BIS और इसके द्वारा तैयार मानकों के संबंध में पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है."बता दें कि ये ऐप ग्राहकों को असली और नकली सामान में फर्क बताएगा. यदि आप बाजार से कोई कूकर या अन्य सामान ख़रीदते हैं तो उसपर आईएसआई का निशान लगा रहता है. यदि इसके बाद भी आपको शंका है कि कूकर उस ब्रांड का नहीं लग रहा, जिसका उसपर नाम लिखा है तो इसे आप BIS CARE ऐप पर आईएसआई निशान का नम्बर लिख कर ब्रांड और उस कंपनी के बारे में भी जान सकते हैं. तकनीकी क्रांति के इस दौर में इस सुविधा से ग्राहकों में जानकारी भी बढ़ेगी और उसका लाभ भी.