शुरुआती झटके के बाद शेयर बाजार में लौटी जबरदस्त तेजी
चार दिनों की लगातार बढ़त के बाद हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट और अनिश्चितता के साथ हुई। वैश्विक बाजारों में आईटी शेयरों पर बने दबाव और एआई आधारित निवेश को लेकर चिंताओं के कारण शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में लालचते नजर आए। हालांकि, बाजार खुलते ही निचले स्तरों पर आई तेज लिवाली ने रुख पूरी तरह बदल दिया और सेंसेक्स 478 अंकों की छलांग लगाते हुए 77,796 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 135 से अधिक अंकों की तेजी दर्ज करते हुए 23,946 के करीब कारोबार करने लगा।
शेयर बाजार में आए इस अचानक सुधार का सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारतीय बाजार में धमाकेदार वापसी को माना जा रहा है। पिछले छह कारोबारी सत्रों में से पांच में विदेशी निवेशकों ने आक्रामक खरीदारी करते हुए 18,661 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि दो सालों से जारी विदेशी पूंजी की निकासी अब थमने लगी है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। हालांकि, सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में कुछ हद तक मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को नीचे गिरने से संभाले रखा।
तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी फिलहाल अपने 50-दिवसीय मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो बाजार में आगे भी तेजी रहने की ओर इशारा करता है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 23,500 से 23,600 का स्तर मजबूत सपोर्ट जोन साबित हो सकता है, जबकि 24,000 से 24,200 के बीच का स्तर एक प्रमुख रुकावट के रूप में सामने आ सकता है। बेहतर तिमाही नतीजों, लार्जकैप शेयरों के आकर्षक मूल्यांकन और विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी के बीच आने वाले दिनों में बाजार के इस सकारात्मक रुख को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।