नरेंद्र मोदी की पटना सभा में धमाके करने वाले नौ आतंकियों को होगी सजा
संवाददाता/in24 न्यूज़.
बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर है कि भाजपा की ओर से पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा के दौरान गांधी मैदान और पटना जंक्शन सहित शहर के कई इलाकों में सिलसिलेवार धमाके करने वाले नौ आतंकियों को एनआईए कोर्ट एक नवंबर को सजा सुना देगी। हालांकि कोर्ट ने इस मामले में एक आरोपित फकरुद्दीन को रिहा कर दिया है। वहीं, हैदर अली, नुमान अंसारी, मजीबुल्लाह, उमर सिद्दिकी, फिरोज असलम, इम्तियाज आलम सहित नौ को सजा सुनाने के लिए तारीख मुकर्रर कर दी है। बता दें कि आठ साल पहले आज ही के दिन पटना में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। यह तब हुआ था जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पटना के गांधी मैदान में हुंकार रैली को संबोधित करने आए थे। आज से ठीक आठ साल पहले पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। मोदी तब भारतीय जनता पार्टी की ओर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। इसके अलावा पटना जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 10 पर भी बम धमाका हुआ था। इन धमाकों में छह लोगों की मौत हुई थी। जबकि, 80 से अधिक लोग घायल हुए थे। संयोग देखिए कि ठीक इसी तारीख को आठ साल बाद बुधवार को एनआईए की विशेष कोर्ट ने दोषियों को चिह्नित कर लिया है। इस मामले में अब तक कोर्ट में 187 लोगों की सुनवाई हो चुकी है।इसी माह की छह तारीख को एनआईए की विशेष अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में दिए गए लिखित तर्क के बाद फैसले की तारीख 27 अक्टूबर निर्धारित की थी। इस मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। आज सुबह सभी आरोपितों को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया। करीब एक घंटे की सुनवाई के बाद कोर्ट ने नौ लोगों को दोषी करार दिया। मामले की जांच कर रही एनआईए की टीम ने 2014 में मुख्य आरोपित रांची निवासी इम्तियाज अंसारी समेत 10 के खिलाफ एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। सभी आरोपियों को बेउर जेल में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। गांधी मैदान सीरियल ब्लास्ट मामले की प्राथमिकी 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गांधी मैदान थाने में दर्ज की गई। इसके बाद 31 अक्टूबर, 2013 को एनआईए ने केस संभाला और एक नवंबर को दिल्ली एनआईए थाने में इसकी फिर से प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें नाबालिग समेत 12 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था । उनमें एक की मौत इलाज के दौरान ही हो गई थी। वहीं जुवेनाइल बोर्ड द्वारा नाबालिग आरोपित को पहले ही तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई जा चुकी है।इस मामले में आरोपित पांच आतंकियों को अन्य मामले में पहले ही उम्रकैद की सजा दी जा चुकी है। इसमें उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन, अहमद हुसैन, फकरुद्दीन, फिरोज आलम उर्फ पप्पू, नुमान अंसारी, इफ्तिखार आलम, हैदर अली उर्फ अब्दुल्ला उर्फ ब्लैक ब्यूटी, मो. मोजीबुल्लाह अंसारी व इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम शामिल हैं। इनमें से इम्तियाज, उमेर, अजहर, मोजिबुल्लाह और हैदर बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट में भी उम्रकैद की सजा हो चुकी है। गांधी मैदान विस्फोट में पटना से गिरफ्तार इम्तियाज रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के सीठियो इलाके का रहने वाला है। जांच टीम के मुताबिक इसी के घर पर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रची गई थी। जांच टीम का कहना है कि उसने बताया था कि मुजफ्फरनगर दंगे का बदला लेने के लिए ये धमाके किए गए थे। बता दें अभी बिहार में एनडीए की सरकार है।