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सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को लगाई फटकार

18 Feb, 2025 544

यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया ने जबसे रिएलिटी शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' पर अश्लील टिप्पणी की है, तभी से रणवीर इलाहाबादिया और समय रैना की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। उन पर कई राज्यों में केस दर्ज हुए हैं। जिन्हें रद्द कराने के लिए यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए यूट्यूबरको जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर को उनके द्वारा किए गए वल्गर कमेंट के लिए फटकार लगाते हुए दो टूक में कहा है कि इनके दिमाग में गंदगी भरी है और ऐसे व्यक्ति की बात अदालत क्यों सुने। 


अदालत ने सुनवाई के दौरान साफतौर पर कहा कि पॉपुलर होने का मतलब ये नहीं कि आप कुछ भी टिप्पणी करें। आप लोगों के माता पिता की बेइज्जती कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि आपके दिमाग मे कुछ गंदगी है, क्योंकि जिस विकृत मानसिकता का प्रदर्शन किया गया है, उससे पूरा समाज शर्मिंदा ही होगा। अदालत ने रणवीर को आदेश दिया है कि वो बिना उनकी इजाजत लिए देश से बाहर नहीं जा सकते हैं। यूट्यूबर को उनका पास्टपोर्ट पुलिस थाने में जमा करने को कहा गया है। 


आपको बता दें बीते दिन अश्लील टिप्पणी करने के लिए यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया, समय रैना और अन्य लोगों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। राजस्थान के जयपुर के 'जय राजपूताना संघ' ने रणवीर इलाहाबादिया, समय रैना, आशीष चंचलानी, अपूर्वा मखीजा और अन्य के खिलाफ बीएनएस एक्ट, आईटी एक्ट और अन्य अधिनियमों की धाराओं के तहत जयपुर में एफआईआर दर्ज कराई है। 


एफआईआर को जीरो एफआईआर के रूप में खार पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया गया है क्योंकि घटनास्थल खार पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में है। इससे पहले असम पुलिस के साथ गुवाहाटी साइबर और महाराष्ट्र साइबर में केस दर्ज किया गया था। रणवीर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर महाराष्ट्र और असम में दर्ज एफआईआर को जोड़ने और गिरफ्तारी से संरक्षण दिए जाने की मांग की थी। हालांकि डांट फटकार के बावजूद सर्वोच्च अदालत ने रणवीर को गिरफ्तारी से सशर्त राहत दे दी है। 

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