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पीएम मोदी पर लॉकडाउन लगाने का दबाव

07 May, 2021 835

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
भारत में कोरोना की बढ़ती रफ़्तार ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है. यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लॉकडाउन लगाने का दबाव बढ़ता जा रहा है. कई राज्यों में कड़े प्रतिबंधों के बाद कर्फ्यू लगाया गया है. कई मेडिकल एक्सपर्ट्स, विपक्षी नेताओं और सुप्रीम कोर्ट के कुछ न्यायाधीशों ने सुझाव दिया है कि लॉकडाउन शहरों और कस्बों में वायरस के प्रकोप को कम करने का एकमात्र विकल्प है. दूसरी ओर अस्पताल मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं. यहां तक कि लोगों को शमशान कब्रिस्तानों में मृतकों के लिए जगह नहीं मिल पा रही है. शुक्रवार को भारत ने पिछले 24 घंटों में 414,188 मामले सामने आये हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने 3,915 मौतों की सूचना दी है. भारत में अबतक 234,083 मौतें हो चुकी है. एम्स के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि पिछले साल की तरह ही भारत में भी पूरी तरह से आक्रामक लॉकडाउन की जरूरत है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां 10 फीसदी से अधिक लोगों को पॉजिटिव पाया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार एंथनी फौसी ने यह भी सुझाव दिया कि भारत में संक्रमण को कम करने में मदद के लिए पूर्ण लॉकडाउन की आवश्यकता हो सकती है. एंथनी फौसी ने गुरुवार को भारतीय टेलीविजन चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जैसे ही मामले कम होने लगते हैं, आप अधिक लोगों को टीका लगा सकते हैं और महामारी के प्रकोप से आगे निकल सकते हैं. एंथनी फौसी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि भारत में कम से कम दो प्रकार के वायरस वेरिएंट हैं. उन्होंने कहा कि बी117, जो कि यूके वैरिएंट है, नई दिल्ली में फैल चुका है और 617 वैरिएंट सबसे ज्यादा प्रभावित पश्चिमी महाराष्ट्र में लोगों में फैल रहा है. पीएम मोदी ने पिछले साल चार घंटे के नोटिस पर दो महीने का कड़ा लॉकडाउन घोषित किया था. अब लॉकडाउन को लेकर पीएम मोदी कब और कैसे फैसला लेंगे इसकी जानकारी जब सामने आएगी तब लॉकडाउन का मामला साफ हो पायेगा. 

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