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प्राकृतिक आपदाओं का सरकारी खजाने पर बुरा असर, तीन साल में खर्च हुए 1.40 लाख करोड़ रुपए

16 Dec, 2022 1469
ब्यूरो रिपोर्ट/in24न्यूज़
 
         हर साल भारत में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं का बुरा असर सरकारी खजाने पर भारी पड़ रही है. पिछले तीन सालों में केंद्र और राज्य सरकारों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए 1 लाख 40 हजार 478.16 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े हैं. मध्यप्रदेश में केंद्र और राज्य, दोनों का आपदा खर्च मिलाकर लगभग 1 लाख 27 हजार 112.73 करोड़ रुपए पहुंच गया है, जबकि महाराष्ट्र में 21 हजार 849.96 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. पश्चिम बंगाल में 8611.54 करोड़ रुपए, राजस्थान में 9892.84 करोड़ रुपए ओडिशा में 11743.9 करोड़ रुपए और उत्तर प्रदेश में तीन वर्ष के दौरान 8886.9 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. भारत की जो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति है, उसके अनुसार, जमीनी स्तर पर प्रभावित लोगों को राहत के वितरण सहित, आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की होती है.केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि गंभीर प्रकृति की आपदा के मामले में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि 'एनडीआरएफ' से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. इसमें एक अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम 'आईएमसीटी' का दौरे के आधार पर मूल्यांकन शामिल है.
 
            राज्यों को एसडीआरएफ का आवंटन समय-समय पर संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित क्रमिक वित्त आयोगों की सिफारिश पर आधारित है. इस साल दक्षिण पश्चिमी मानसून 'एक अप्रैल से 31 अक्टूबर तक' के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें बाढ़, बारिश और बादल फटने जैसी आपदा में असम, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड में तैनात रही हैं. आपदा में बल की टीमों ने 1915 व्यक्तियों को बचाया, जबकि 35 हजार 498 व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. साथ ही 1061 पशुओं को आपदा के प्रकोप से बचाने में सफलता हासिल की. साल 2019-20 में आपदाओं से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों ने एसडीआरएफ के तहत 13 हजार 465.00 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया है. साल 2020-21 में यह राशि 23 हजार 186.40 करोड़ रुपए जारी की गई थी. साल 2021-22 के लिए भी इस राशि का ग्राफ 23 हजार 186.40 करोड़ रुपए रहा है. एसडीआरएफ के तहत आवंटित हुई राशि में 2019-20 के दौरान केंद्र का हिस्सा 10 हजार 937.62 करोड़ रुपये था. वहीं साल 2020-21 के दौरान यह राशि 17 हजार 825.63 करोड़ रुपए थी, जबकि साल 2021-22 में केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ को 17 हजार 747.20 करोड़ रुपए जारी किए थे.
 
      इसके अलावा एनडीआरएफ निधि से सभी आपदाओं के दौरान राहत बचाव कार्य के लिए राशि प्रदान की गई है. साल 2019-20 में यह राशि 18 हजार 530.50 करोड़ रुपए थी. साल 2020-21 में 8257.11 करोड़ रुपए जारी किए गए थे. साल 2021-22 के लिए 7342.30 करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं. साल 2019-20 में एसडीआरएफ के तहत कुल 59 हजार 837.8 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं. साल 2020-21 में कुल 46 हजार 510.45 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. साल 2021-22 के दौरान सभी आपदाओं में राहत बचाव कार्य के लिए 34 हजार 129.91 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है. 2022 में पांच दिसंबर तक प्राकृतिक आपदाओं में 1784 लोगों की मौत हुई है. 26 हजार 401 पशुओं की मौत हुई है. इसके अलावा 3 लाख 27 हजार 479 मकान और झोपड़ियां, प्राकृतिक आपदाओं में तबाह हुए हैं. साथ ही लगभग 18 लाख 89 हजार 582 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है. ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला यदि यूं ही जारी रहा तो सरकारी खजाने पर इसका और भी बुरा असर पड़ सकता है.

 

 

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