रेल-सड़क-हवाई अड्डे को किराये पर देगी केंद्र सरकार
संवाददाता/in24 न्यूज़
केंद्र सरकार आर्थिक मंदी को दूर करने के लिए रेल, सड़क, एयरपोर्ट, गैस पाइपलाइन, स्टेडियम, बिजली, गोदाम को निजी क्षेत्रों के बड़े खिलाड़ियों को कुछ समय के लिए किराये पर देगी और बदले में उनसे मोटी रकम वसूल करेगी। ध्यान रहे कि केंद्र सरकार के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में इन प्रोजेक्ट का स्वामित्व निजी कंपनियों को हस्तांतरित नहीं होगा। कुछ सालों के बाद इन प्रोजेक्ट के संचालन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार फिर अपने हाथों में ले लेगी। ये समय कितना लंबा होगा ये केंद्र और निजी कंपनियों के बीच समझौते पर तय करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब साल 2021-22 का बजट पेश कर रही थीं तभी उन्होंने नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन की चर्चा की थी। तब वित्त मंत्री ने कहा था कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च जुगाड़ करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र यानी की सरकारी संपत्तियों का मोनेटाइजेशन मुख्य जरिया होगा। बता दें कि मोनेटाइजेशन का सीधा मतलब है मौद्रिकरण यानी कि पैसा कमाना, पैसा बनाना। यानी कि सरकार बड़ी परियोजनाओं का खर्च निकालने के लिए सरकारी संपत्तियों से पैसा कमाएगी। नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन के तहत आठ मंत्रालयों की संपत्ति निजी कंपनियों के साथ साझा की जा सकेगी या फिर किराये पर दी जा सकेगी। साझा करने का मतलब यह है कि किसी भी प्रोजेक्ट को सरकारी और निजी कंपनी मिलकर विकसित करेंगी और चलाएंगी जबकि किराये पर दिए जाने का अर्थ यह है कि पूरा प्रोजेक्ट ही निजी कंपनी को दिया जाएगा और सरकार इन कंपनियों से इसके एवज में पैसे लेगी। केंद्र सरकार ने एसेट मोनेटाइजेशन के लिए नीति आयोग को एक रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा दिया था। नीति आयोग ने बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर वाले मंत्रालयों के साथ सलाहकर उन संपत्तियों की सूची तैयार की है जहां एसेट मोनेटाइजेशन की संभावना है। ये सेक्टर हैं - रेलव, सड़क परिवहन और हाईवे, जहाजरानी, टेलीकॉम, बिजली, नागरिक उड्डयन, पेट्रोलियम और नैचुरल गैस, युवा मामले और खेल। सरकार जिन संपत्तियों के मोनेटाइजेशन की योजना बना रही है उन्हें ब्राउनफील्ड एसेट्स कहते हैं। ये वैसी संपत्तियां हैं जिनका पूरा वित्तीय इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। लेकिन जहां सरकारी पूंजी पहले लग चुकी है। पर कई कारणों से उसका पर्याप्त इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। सरकार ऐसी ही संपत्तियों के मोनेटाइजेशन प्लान बना रही है।