दलितों का कितना उद्धार करेगा कांग्रेस का अनशन ?
दलितों पर हो रहे अत्याचार और उनकी हित की लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को सांकेतिक उपवास का ऐलान किया। आपको बता दें कि देश में कथित दलित उत्पीड़न के खिलाफ महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का उपवास सोमवार को अलग-अलग वजहों से कांग्रेस ने रखा।
इस उपवास में कांग्रेस के दिग्गज नेता जैसे जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह उपवास में शामिल नहीं किया गया क्योंकि उनपर सिख दंगो का आरोप लगाया गया है। बहरहाल इस उपवास के जरिये क्या कांग्रेस पार्टी दलितों का उद्धार करेगी इस मुद्दे पर in24 न्यूज़ ने मुंबईकरों से प्रतिक्रिया ली तो उनका भी यही कहना था कि, दलितों पर अत्याचार सदियों से हो रहा है और यह कोई नई बात नहीं और रहा सवाल कांग्रेस के सांकेतिक उपवास का तो यह महज राजनीति चमकाने का एक जरिया है जिससे वह दलित वोट बैंक को लुभाने की कोशिश कर रहे है।
चाहे बीजपी हो या फिर कांग्रेस पार्टी दलितों पर अत्याचार लगातार होते आ रहे हैं लेकिन दलित समुदाय ने भी अपनी ताकत दिखा दी है भारत बंद के जरिये। बहरहाल इस राजनीतिक रस्साकस्सी में यदि कोई पिस रहा है तो वह है दलित समुदाय क्योंकि राजनीतिक पार्टियां दलितों का उद्धार करेगी या उनके घावों को जिंदा रख उनका उत्पीड़न करती रहेगी ये बात किसी से छुपी नहीं है