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दिल्ली में आज से रेखा युग की शुरुआत, 27 साल बाद बीजेपी ने की सत्ता में वापसी

20 Feb, 2025 334

संवाददाता/in24 न्यूज़। 
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली बड़ी जीत के बाद सीएम के फैसले पर 11 दिन लग गए. भले ही समय लगा हो लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री का फैसला जब हुआ तो किसी ऐतिहासिक क्षण से कम नहीं था. 11 दिनों की माथापच्ची के बाद आज आखिरकार राजधानी को अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया. रामलीला मैदान में आयोजित भव्य शपथग्रहण समारोह में शालीमार बाग से पहली बार विधायक चुनी गईं रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.इस शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी शासित राज्यों के अधिकांश मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे.मंच पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी नजर आए.हालांकि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए हैं.यदि हम रेखा गुप्ता की बात करें तो वह तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है लेकिन उन्हें पहली बार जीत मिली है. सुषमा स्वराज शीला दीक्षित और आतिशी के बाद रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री है. रेखा गुप्ता को अरविंद केजरीवाल की काट माना जा रहा है.खासकर जो बनिया और वैश्य समाज अरविंद केजरीवाल के करीब था. इस बार बीजेपी के पक्ष में ज्यादा नजर आया और शायद यही कारण है कि बनिया और वैश्य समुदाय को अपनी तरफ से बनाए रखने के लिए बीजेपी ने ये कदम उठाया है. बता दे की विजेंद्र गुप्ता जो कि भाजपा के वरिष्ठ नेता है और आम आदमी पार्टी की सरकार में नेता विपक्ष थे.उन्हें स्पीकर का पद दिया गया है. रेखा गुप्ता के साथ है 6 कैबिनेट मंत्रियों ने भी शपथ ली है. जिसमें भाजपा ने हर समुदाय और समाज को साधने की कोशिश की है.


        सीएम रेखा गुप्ता की बात करें तो वो वैश्य समुदाय से आती हैं और पहली बार की विधायक हैं.इसके अलावा वह 3 बार एमसीडी की पार्षद भी रहीं हैं.संगठन की बात करें तो रेखा गुप्ता बीजेपी महिला मोर्चे की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और  छात्रसंघ की अध्यक्ष रह चुकीं है.रेखा गुप्ता छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीति में आईं वो एबीवीपी के जरिए राजनीति में सक्रिय हुईं.1994 में दौलत राम कॉलेज की सचिव बनीं.1995 में डीयू छात्र संघ की सचिव और 1996 में अध्यक्ष बनीं. महिला मोर्चा के कार्यकाल के दौरान रेखा गुप्ता ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई काम किए हैं और उनका ये अनुभव अब मुख्यमंत्री के तौर पर भी काम आएगा जब वह दिल्ली के विकास और महिलाओं के उत्थान के लिए योजनाएं चलायेंगी. यदि हम रेखा गुप्ता के कैबिनेट की बात करें तो प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मंजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है. बता दें कि मंत्री बनाए गए सभी विधायकों में से कपिल मिश्रा को छोड़कर किसी को भी सरकार चलाने या सरकार में शामिल होने का अनुभव नहीं है. ऐसे में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता समेत उनके सभी मंत्रियों पर प्रदर्शन करने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी. यदि हम प्रवेश वर्मा की बात करें तो वो जाट समुदाय से आते हैं. प्रवेश वर्मा दो बार के विधायक हैं और दो बार सांसद भी रह चुके हैं. प्रवेश वर्मा को राजनीति विरासत में मिली है क्योंकि वह पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं.2013 में महरौली विधानसभा सीट से विधायक बने हैं.इसके बाद 2014 और 2019 में 2 बार पश्चिमी दिल्ली से  सांसद भी बने थे. हालांकि  2024 में टिकट नही मिला लेकिन विधानसभा चुनाव में दूसरी बार अरविंद केजरीवाल को चुनाव हराकर विधायक बने. तब से ही प्रवेश वर्मा चर्चा में थे और मुख्यमंत्री का भी दावेदार माना जा रहा था.भले ही वह मुख्यमंत्री नहीं बने हैं लेकिन उन्हें भाजपा सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. उनके मंत्री बनने से बीजेपी की नजर करीब दिल्ली के 8 फीसदी जाट वोटरों पर हैं.
 

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