फडणवीस को बदनाम करने वाला पहुंचा सलाखों के पीछे
संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र विधान सभा के नेता विपक्ष देवेंद्र फडनवीस को गंदे तरीके से बदनाम करनेवाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग़ौरतलब है कि एक वीडियो में दावा किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस का तृत्तीय पंथी के साथ समलैंगिक संबंध है। इसके बाद खलबली मच गई थी। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में भीषण हंगामा हुआ। पिंपरी-चिंचवड़ शहर के कालेवाडी तापकीरनगर में रहने वाले युवराज दाखले ने एक वीडियो में एक चौंकाने वाला आरोप लगाया था। फडणवीस पर आरोप लगाने वाले युवराज दाखले को आखिरकार वाकड पुलिस ने हथकड़ी लगा दी है। फडणवीस की बदनामी वाला वीडियो वायरल हुआ और इसकी गूंज विधानसभा तक सुनाई दी। जैसे ही यह देखा गया कि फडणवीस को बदनाम किया जा रहा है, शहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने वाकड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने इस संबंध में दाखले के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फडणवीस ने सदन में बताया कि युवराज दाखले राकांपा का कार्यकर्ता है। लेकिन पिंपरी चिंचवड शहर राकांपा अध्यक्ष संजोग वाघेरे ने कल पत्रकारों से खुलासा करते हुए कहा कि दाखले राकांपा का सक्रिय सदस्य तक नहीं है। मुंबई में किसी के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष तथा अन्य नेताओं से मिला था। मगर मेल मिलाप से वह राकांपा का सक्रिय कार्यकर्ता नहीं है। इससे पहले वह शिवसेना में कार्यकर्ता के तौर पर कई सालों तक काम कर चुका है। उसने पिंपरी विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव भी लड़ा मगर उसकी जमानत जब्त हो गई थी। हमने अपने प्रदेश हाईकमान को इस बारे में सूचित कर दिया है कि युवराज दाखले शहरा राष्ट्रवादी का कार्यकर्ता नहीं है। जब कार्यकर्ता ही नहीं तो उसे निष्कासित करने का सवाल नहीं उठता। ऐसा संजोग वाघेरे ने खुलासा किया। इस अवसर पर विरोधी नेता राजू मिसाल, प्रवक्ता फजल शेख आदि उपस्थित थे। बहरहाल जिस तरह से बदनामी की कोशिश की जा रही थी उसपर फिलहाल विराम लग गया है।