ममता बनर्जी के चोटिल मामले में चुनाव आयोग को नहीं मिला कोई सबूत
संवाददाता/in24 न्यूज़.
राजनीति में कब किस तरह की घटना सामने आ जाए, नहीं कहा जा सकता। चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चोटिल होने के मामले में कोई सबूत नहीं मिला है. गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने रविवार को अपने फैसले में कहा कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी पर नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान हमला नहीं हुआ था। आयोग ने कहा कि ममता पर हमले के कोई सबूत नहीं हैं। यानी ममता के पैर में नंदीग्राम में जो चोट लगी वो एक हादसा था। चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय, विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे और विशेष पर्यवेक्षक अजय नायक की रिपोर्ट को देखने के बाद यह फैसला दिया है। ममता ने आरोप लगाया था कि 10 मार्च को जब वह चुनाव प्रचार कर रही थीं तब उन पर किसी ने हमला किया था। अपनी रिपोर्ट में राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय ने चुनाव आयोग से कहा कि नंदीग्राम में उस दिन बहुत ज्यादा भीड़ होने की वजह से घटना का वीडियो साफ नहीं है। चुनाव आयोग ने आज कहा कि ममता बनर्जी पर किसी भी षडयंत्र के तहत हमला नहीं किया गया था वह सिर्फ एक हादसा था। गौरतलब है कि ममता बनर्जी 10 मार्च को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान बुरी तरह घायल हो गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि 10 मार्च को जब वह चुनाव प्रचार कर रही थीं तब उन पर किसी ने हमला किया था। इस घटना के बाद, चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय, विशेष पर्यवेक्षक अजय नायक और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे से शुक्रवार शाम तक रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी ममता पर कथित हमले को लेकर कहा कि केवल पर्यवेक्षक ही नहीं बल्कि आम लोग भी ऐसा ही सोचते हैं कि यह एक नाटक है। ममता बनर्जी की पार्टी के लोग, पश्चिम बंगाल की जनता और पुलिस सबका यही मानना है। बता दें कि विधान सभा चुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी में जमकर टक्कर शुरू है।