फ़ौरन फिरफ्तारी से कमजोर होगा एससी/एसटी एक्ट &सरकार
02 Apr, 2018
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संवाददाता/in24 न्यूज़
इस हफ्ते उच्चतम न्यायालय में दायर की जाने वाली अपनी पुनर्विचार याचिका में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा यह कहने की उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) एक्ट, 1989 में मौजूद प्रावधान कमजोर होंगे।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय यह भी कह सकता है कि नए आदेश से कानून का डर कम होगा और इसके कारण उल्लंघन के और मामले सामने आ सकते हैं। लोक जनता पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत के नेतृत्व में राजग के एससी और एसटी सांसदों ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। गहलोत ने हाल ही में प्रसाद को उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका के लिए लिखा था।