क्रिकेट से संसद तक पीएम मोदी के साथ दिखे हरभजन सिंह, 5 अगस्त को हुई मुलाकात
5 अगस्त 2026 की सुबह नई दिल्ली में एक तस्वीर ने सबका ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नाश्ते की मेज पर बैठे थे पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह। जो कभी क्रिकेट के मैदान में देश के लिए विकेट लेते थे, आज वो देश की संसद में कानून बनाने वालों की कतार में खड़े हैं। प्रधानमंत्री के साथ उनकी ये मुलाकात सिर्फ एक फोटो नहीं थी, बल्कि उनके राजनीतिक सफर का एक अहम पड़ाव थी। हरभजन सिंह का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में 2001 का वो ऐतिहासिक टेस्ट मैच, 2007 का टी20 वर्ल्ड कप और 2011 का वर्ल्ड कप याद आ जाता है। लेकिन अब वो क्रिकेट किट की जगह कुर्ता-पाजामा पहनकर संसद में नजर आते हैं। 2022 में आम आदमी पार्टी के समर्थन से वो राज्यसभा पहुंचे थे और फिर पिछले साल भाजपा में शामिल हो गए। ऐसे में PM मोदी के साथ एक ही मेज पर बैठना उनके लिए एक बड़ा मौका था। सोशल मीडिया पर तस्वीरें आते ही फैंस ने लिखा कि टर्बनेटर अब संसद में भी छक्के मारेगा। लेकिन इस बैठक का मकसद कोई बड़ा ऐलान नहीं था। प्रधानमंत्री समय-समय पर नए सांसदों के साथ ऐसे ही नाश्ते पर मिलते हैं ताकि उनसे सीधे बात हो सके और उन्हें संसदीय कामकाज की बारीकियां समझाई जा सकें। हरभजन की मौजूदगी ने इस बैठक को आम से खास बना दिया क्योंकि वो खेल की दुनिया से आते हैं और युवाओं के बीच उनकी जबरदस्त पकड़ है। इस मुलाकात के बाद हर कोई यही सोच रहा है कि अब हरभजन सिंह राजनीति में किस दिशा में जाएंगे।
5 अगस्त 2026 की वो सुबह
ये मुलाकात 5 अगस्त 2026 को हुई। मंगलवार का दिन था और संसद का मॉनसून सत्र चल रहा था। सुबह करीब 9 बजे प्रधानमंत्री आवास में राज्यसभा के नए निर्वाचित सांसदों और हाल में भाजपा में शामिल हुए नेताओं के लिए नाश्ते का आयोजन किया गया था। इसी में हरभजन सिंह भी शामिल हुए। खबर उसी दिन दोपहर तक मीडिया में आ गई और अगले दिन 6 अगस्त को अखबारों की सुर्खियों में भी ये मुलाकात रही। 5 अगस्त की तारीख इसलिए भी जरूरी है क्योंकि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री अक्सर सांसदों के छोटे समूहों के साथ बैठकर बात करते हैं। उनका मानना है कि अगर सांसदों को सीधा मार्गदर्शन मिले तो वो जनता के लिए बेहतर काम कर सकते हैं। इस बार करीब 36 नए सांसद इस नाश्ते में बुलाए गए थे। इनमें वो नेता भी थे जो पिछले कुछ महीनों में भाजपा से जुड़े थे। हरभजन सिंह उन्हीं में से एक थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ये बैठक सिर्फ औपचारिकता के लिए नहीं थी। भाजपा पंजाब में नए चेहरे तलाश रही है और हरभजन सिंह जैसा लोकप्रिय नाम पार्टी के लिए बहुत काम का हो सकता है। इसलिए PM का उनसे मिलना और उनसे बात करना कई मायनों में अहम था। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि आप लोग अब सिर्फ अपने क्षेत्र के प्रतिनिधि नहीं हैं, आप पूरे देश की आवाज हैं। इसलिए जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है।
नई दिल्ली के PM आवास में हुआ संवाद
बैठक की जगह थी नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री का सरकारी आवास। नई दिल्ली वैसे भी देश की राजनीति का दिल है और संसद सत्र के दौरान यहां रोजाना बड़ी-बड़ी बैठकें होती रहती हैं। नाश्ते की मेज बिल्कुल सादी थी। कोई भाषण नहीं, कोई मंच नहीं। सिर्फ प्रधानमंत्री और सांसद आमने-सामने। माहौल इतना सहज था कि सांसद बेझिझक अपने सवाल पूछ रहे थे। हरभजन सिंह भी वहां मौजूद अन्य सांसदों के साथ बैठे थे। उनके चेहरे पर वही आत्मविश्वास दिख रहा था जो मैदान में दिखता था। प्रधानमंत्री ने बैठक की शुरुआत में सभी का अभिवादन किया और फिर एक-एक करके सब से बात की। उन्होंने सांसदों को सलाह दी कि संसद की लाइब्रेरी में ज्यादा से ज्यादा समय बिताने ताकि कानून और नीतियों को गहराई से समझ सकें। उन्होंने ये भी कहा कि हर सांसद को अपने क्षेत्र के युवाओं से जुड़ना चाहिए। खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काम करना चाहिए क्योंकि यहीं से देश का भविष्य बनता है। हरभजन सिंह से बात करते हुए PM ने खासतौर पर कहा कि खेल से आए लोग अनुशासन जानते हैं और देश को ऐसे ही लोगों की जरूरत है। बैठक के बाद पंजाब से राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर बहुत प्रेरणा मिली। उन्होंने देश निर्माण में योगदान देने की बात कही। हरभजन सिंह की ओर से अभी कोई लंबा बयान नहीं आया लेकिन उनकी मौजूदगी ही काफी थी। तस्वीरों में दिख रहा था कि प्रधानमंत्री हरभजन से हंसकर बात कर रहे हैं।
बातचीत कैसे हुई और इसका क्या मतलब निकाला जा रहा है
बैठक करीब एक घंटे चली। शुरुआत में प्रधानमंत्री ने सभी नए सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्र के बारे में पूछा। कौन सी समस्या सबसे बड़ी है, लोग क्या चाहते हैं, केंद्र की योजनाएं जमीन तक पहुंच रही हैं या नहीं। हरभजन सिंह से जब बात हुई तो चर्चा खेल और युवाओं पर गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के युवा खेल में बहुत आगे बढ़ रहे हैं लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और सुविधाएं चाहिए। ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी राजनीति में आकर इस काम को आगे बढ़ाए तो सोने पर सुहागा हो जाएगा। हरभजन ने भी सिर हिलाकर सहमति जताई। बैठक के बाद राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात के कई मतलब निकाल रहे हैं। पहला मतलब ये कि भाजपा हरभजन सिंह को पंजाब में एक बड़ा चेहरा बनाना चाहती है। 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव हैं और हरभजन जैसे स्टार प्रचारक पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। दूसरा मतलब ये कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि खेल जगत के लोग राजनीति में आएं। सचिन तेंदुलकर, मैरी कॉम के बाद अब हरभजन भी इसी लाइन में हैं। तीसरा मतलब ये कि हरभजन से उम्मीद है कि वो संसद में खेल, शिक्षा और पंजाब के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। हालांकि अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दी गई है। बैठक के बाद ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। ये सिर्फ एक संवाद था जिसका मकसद नए सांसदों को दिशा देना था। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ ने कहा कि क्रिकेट के बाद राजनीति में भी हरभजन कमाल करेंगे। कुछ ने सवाल किया कि क्या मैदान का अनुभव संसद में काम आएगा।
अब आगे क्या
फिलहाल 5 अगस्त की ये मुलाकात एक महत्वपूर्ण संसदीय संवाद के रूप में याद की जाएगी। इससे कोई बड़ा पद या नई जिम्मेदारी की घोषणा नहीं हुई लेकिन हरभजन सिंह के राजनीतिक सफर के लिए ये एक अहम मोड़ जरूर है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि हरभजन संसद में किस तरह काम करते हैं। क्या वो खेल और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। क्या वो पंजाब में जाकर लोगों से मिलते हैं। क्या भाजपा उन्हें संगठन में कोई बड़ी भूमिका देती है। क्रिकेट में हरभजन ने साबित किया था कि वो दबाव में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। अब राजनीति की पिच पर भी उन्हें वही करना है। प्रधानमंत्री के साथ हुई ये बैठक उनके लिए एक प्रेरणा भी है और एक जिम्मेदारी भी। आने वाले दिनों में अगर हरभजन सिंह संसद में सक्रिय होते हैं और जनता के मुद्दे उठाते हैं तो ये मुलाकात उनके करियर की सबसे अहम बैठकों में गिनी जाएगी। फिलहाल इतना तय है कि क्रिकेट के मैदान से निकलकर संसद तक पहुंचे हरभजन सिंह अब एक नए इनिंग की शुरुआत कर चुके हैं और देश उनके बहुत उम्मीद लगाए बैठा है।