महाराष्ट्र में फिल्म फुले को टैक्स फ्री करने की एनसीपी एसपी नेता ने की मांग
संवाददाता/in24 न्यूज़।
महाराष्ट्र में अनंत महादेवन द्वारा निर्देशित ज्योतिबा फुले पर बनी फिल्म 'फुले' पर काफी विवाद के बाद भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। विवादों से घिरे होने के कारण इस फिल्म से सेंसर बोर्ड ने 12 सीन को काट दिया था। । फुले फिल्म को अनंत महादेवन ने डायरेक्ट किया है और इसमें महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले के संघर्षों को बखूबी दर्शाया गया है. वहीं अब इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग उठी है। एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि अनंत महादेवन द्वारा निर्देशित फिल्म फुले को टैक्स फ्री किया जाए. जयंत पाटिल ने मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा 25 अप्रैल 2025 को निर्देशक अनंत महादेवन की फिल्म “फुले” दुनिया भर में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों को पसंद आ रही है। हम मांग करते हैं कि इस फिल्म को टैक्स मुक्त किया जाए. ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें। जयंत पाटिल ने लिखा, “महात्मा फुले और सावित्री बाई फुले का इतिहास दलितों के लिए पानी की टंकी खोलने, शिक्षा के द्वार खोलने और महिलाओं की शिक्षा के लिए कदम उठाने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि महात्मा फुले और सावित्रीबाई ने इससे भी व्यापक कार्य किए हैं।
गौरतलब है कि आज के समय में अगर महिलाएं पढ़ पा रही हैं, ज्ञान अर्जित कर रही हैं और नौकरी पाकर अपने पैरों पर खड़ी हैं, तो इसका श्रेय ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले को जाता है. इस फिल्म से आपको मालूम चलेगा कि 1840 के दशक में जब ब्रिटिशर्स पूरी तरह से भारतीयों पर हावी थे, तब महात्मा फुले ने किस तरह ज्ञान पाकर अपने समाज की सेवा में लगाया था. अपनी पत्नी को ज्योतिराव फुले ने घर में ही पढ़ाया और बाकी लड़कियों को पहले समाज से छुपकर पढ़ाने की कोशिश की. उनके इस कदम ने उन्हें अपने समाज और परिवार से दूर कर दिया, लेकिन फुले का मानना था कि जब तक देश की पूरी आबादी साक्षर नहीं हो जाती, आजादी का कोई मतलब नहीं. देश को आजादी केवल अंग्रेजों से नहीं बल्कि बरसों से चली आ रही कुप्रथाओं से भी चाहिए. मूवी में महात्मा फुले के हर छोटे-बड़े संघर्ष को दिखाने की कोशिश की गई है. महाराष्ट्र में अनंत महादेवन द्वारा निर्देशित ज्योतिबा फुले पर बनी फिल्म 'फुले' पर काफी विवाद के बाद भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला। विवादों से घिरे होने के कारण इस फिल्म से सेंसर बोर्ड ने 12 सीन को काट दिया था। । फुले फिल्म को अनंत महादेवन ने डायरेक्ट किया है और इसमें महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले के संघर्षों को बखूबी दर्शाया गया है.
वहीं अब इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग उठी है। एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि अनंत महादेवन द्वारा निर्देशित फिल्म फुले को टैक्स फ्री किया जाए--जयंत पाटिल ने मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा 25 अप्रैल 2025 को निर्देशक अनंत महादेवन की फिल्म “फुले” दुनिया भर में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों को पसंद आ रही है। हम मांग करते हैं कि इस फिल्म को कर मुक्त किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें। जयंत पाटिल ने लिखा, “महात्मा फुले और सावित्री बाई फुले का इतिहास दलितों के लिए पानी की टंकी खोलने, शिक्षा के द्वार खोलने और महिलाओं की शिक्षा के लिए कदम उठाने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि महात्मा फुले और सावित्रीबाई ने इससे भी व्यापक कार्य किए हैं। गौरतलब है कि आज के समय में अगर महिलाएं पढ़ पा रही हैं, ज्ञान अर्जित कर रही हैं और नौकरी पाकर अपने पैरों पर खड़ी हैं, तो इसका श्रेय ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले को जाता है. इस फिल्म से आपको मालूम चलेगा कि 1840 के दशक में जब ब्रिटिशर्स पूरी तरह से भारतीयों पर हावी थे, तब महात्मा फुले ने किस तरह ज्ञान पाकर अपने समाज की सेवा में लगाया था. अपनी पत्नी को ज्योतिराव फुले ने घर में ही पढ़ाया और बाकी लड़कियों को पहले समाज से छुपकर पढ़ाने की कोशिश की. उनके इस कदम ने उन्हें अपने समाज और परिवार से दूर कर दिया, लेकिन फुले का मानना था कि जब तक देश की पूरी आबादी साक्षर नहीं हो जाती, आजादी का कोई मतलब नहीं. देश को आजादी केवल अंग्रेजों से नहीं बल्कि बरसों से चली आ रही कुप्रथाओं से भी चाहिए. मूवी में महात्मा फुले के हर छोटे-बड़े संघर्ष को दिखाने की कोशिश की गई है.