कोरोना से पहली बार रद्द हो सकती है हज यात्रा
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना ने पूरी दुनिया को डरा रखा है. यही कारण है कि इस जानलेवा महामारी की वजह से पहली बार हज यात्रा पर रोक लगाईं जा सकती है. गौरतलब है कि सऊदी अरब में कोरोना वायरस के मामले एक लाख के पार जा चुके हैं. एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब 1932 में स्थापना के बाद पहली बार हज यात्रा सीजन को रद्द किया जा सकता है. सऊदी अरब के हज विभाग के अधिकारियों ने इसके संकेत दिए हैं. गल्फ न्यूज के अनुसार सऊदी का हज मंत्रालय ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बाद इस मामले का सावधानीपूर्वक अध्ययन किया है और विभिन्न परिदृश्यों पर विचार किया जा रहा है. कहा गया है कि एक हफ्ते के भीतर औपचारिक फैसला लिया जाएगा. सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में 3,921 नए मामलों के बाद देश में कुल 119,942 कोरोना वायरस मामलों की पुष्टि हुई है. मृत्यु का आंकड़ा 893 है. यह तीर्थयात्रा इस साल जुलाई के अंत में निर्धारित की गई थी. इसे दुनिया में सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है. जिसमें 20 लाख से अधिक श्रद्धालु भाग ले रहे हैं. सऊदी अरब हज यात्रा के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी कटौती पर भी विचार कर सकता है. दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया ने शुक्रवार को अपने नागरिकों की भागीदारी को रद्द कर दिया है. इंडोनेशिया के लगभग 220,000 लोग सालाना भाग लेते थे. शुक्रवार को मलेशिया ने पुष्टि की कि वह इस साल के हज सीजन के लिए तीर्थयात्रियों को नहीं भेजेगा. जिन अन्य देशों ने इसे रद्द किया है वे सिंगापुर, कंबोडिया, थाईलैंड और ब्रुनेई हैं. रॉयटर्स के अनुसार सऊदी अरब हज के लिए इस वर्ष तीर्थयात्रियों की केवल प्रतीकात्मक संख्या को अनुमति दे सकता है. हज कमेटी ऑफ इंडिया ने घोषणा की है कि हज 2020 होने की बहुत कम संभावना है. यहां तक कि जो लोग रद्द करने के लिए आवेदन नहीं करते हैं, उन्हें भी पूरा पैसा वापस मिलेगा। भारत से औसतन हर साल लगभग 200,000 लोग हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं.