फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश
संवाददाता/in24 न्यूज़।
मुंबई क्राइम ब्रांच और मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट ने देश के कई हिस्सों में संचालित किए जा रहे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया है.इस फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज की खास बात यह है कि सीमा पार से आने वाले सभी टेलिफोन कॉल्स कॉलर आईडी पर डोमेस्टिक नंबर दिखाया करते थे दरअसल मुंबई क्राइम ब्रांच और मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट को ऐसी जानकारी मिली थी कि मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में विदेशों से कॉल आते हैं पर कॉलर आईडी पर जो नंबर दिखता था वह भारतीय हुआ करता था जिसके बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस और मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के नोएडा और केरल की चांगराम कुलम इलाके में छापेमारी की प्रक्रिया को अंजाम देकर भारी मात्रा में ऐसे सामान जप्त किए हैं जिनके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कॉल को अंतर्देशीय एनरूट किया जाता था.इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जिसका नाम मोहम्मद कुटी बताया जा रहा है.जांच एजेंसी ने केरल से 32 स्लॉट्स वाले 3 सिम बॉक्स और 128 स्लॉट्स वाले 2 सिम बॉक्स बरामद किए हैं.प्रत्येक स्लॉट्स में 352 सिम कार्ड और 325 अतिरिक्त सिम कार्ड्स की इसमें व्यवस्था थी.इसके अलावा तीन लैपटॉप एक यूपीएस एक राउटर और एक मॉडम भी पुलिस ने बरामद किया है वहीं नोएडा में छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने 4 स्लॉट्स वाले 3 सिम बॉक्स बरामद किए हैं जिसमें 11 सिम कार्ड एक हार्ड डिस्क और एक वीओआईपी अडॉप्टर का समावेश है जानकारी के मुताबिक अवैध टेलीफोन एक्सचेंज साल 2017 से संचालित किए जा रहे थे जिसके माध्यम से भारत सरकार और टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री को करोड़ों का चूना लग रहा था जांच में यह बात भी सामने आई है कि जिन नंबरों से कॉल आते थे उनमें ज्यादातर आउटगोइंग कॉल किए जाते थे जबकि इनकमिंग कॉल्स इक्का-दुक्का ही हुआ करते थे जानकार यह भी बताते हैं कि ऐसे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए देश की सुरक्षा को भारी खतरा पैदा होता है क्योंकि ऐसे कॉल सुरक्षा एजेंसियों की सिक्योरिटी चेक को बाईपास कर किए जाते हैं फिलहाल क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है क्राइम ब्रांच के मुताबिक जांच का दायरा जैसे - जैसे बढ़ेगा उम्मीद है कि कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती है फिलहाल इस मामले के उजागर होने के बाद इंटेलिजेंस एजेंसी सतर्क हो चुकी है