अहमदाबाद में पीजी में रहने वाली छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, गार्ड गिरफ्तार
अहमदाबाद के आनंदनगर इलाके में पीजी में रहने वाली 22 साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। छात्रा इंटीरियर डिजाइन की पढ़ाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक, घटना 8 अगस्त की रात करीब 9 बजे हुई। छात्रा टहलने के लिए इमारत की छत पर गई थी। इसी दौरान वहां काम करने वाला सुरक्षा गार्ड धर्म सिंह भी छत पर पहुंच गया। आरोप है कि गार्ड ने छात्रा को अकेला देखकर उसके साथ जबरदस्ती की। घटना के बाद वह छात्रा का मोबाइल फोन लेकर वहां से भाग गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज की और छात्रा को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया ।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमें लगाईं। जांच के दौरान इमारत और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। पुलिस को आरोपी की गतिविधियों से जुड़े सुराग मिले। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने सीसीटीवी और दूसरी जानकारी के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। रातभर तलाश करने के बाद पुलिस ने 9 अगस्त की सुबह आरोपी को अहमदाबाद के हेबतपुर इलाके के पास से पकड़ लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े दूसरे सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम धर्म सिंह है और वह उत्तर प्रदेश के हरदोई का रहने वाला है। उसने इस सोसायटी में सुरक्षा गार्ड की नौकरी घटना से कुछ दिन पहले ही शुरू की थी। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसे नौकरी देने से पहले उसकी पहचान और पुराने रिकॉर्ड की जांच हुई थी या नहीं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय वह छत पर कैसे पहुंचा और घटना के बाद किस रास्ते से वहां से निकला। पुलिस छात्रा के बयान, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है। आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन उसके खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सबूतों के आधार पर होगा।
इस घटना के बाद पीजी और सोसायटियों में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खासकर सुरक्षा गार्ड रखने से पहले उसकी पहचान और पुराने रिकॉर्ड की जांच करना कितना जरूरी है, इस पर ध्यान दिया जा रहा है। सोसायटी में सिर्फ मुख्य गेट पर गार्ड होना ही काफी नहीं है। छत, सीढ़ियों और पार्किंग जैसी जगहों पर भी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। सीसीटीवी कैमरे लगे होने के साथ उनकी रिकॉर्डिंग पर नजर रखना भी जरूरी है। हालांकि इस मामले में सोसायटी या सुरक्षा एजेंसी की कोई गलती थी या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच चल रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी सबूतों की जांच कर रही है। आगे आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी। इस घटना ने यह भी दिखाया है कि पढ़ाई या नौकरी के लिए परिवार से दूर रहने वाली लड़कियों के लिए सुरक्षित पीजी और रहने की जगह कितनी जरूरी है। पीजी और सोसायटी चलाने वालों को सुरक्षा गार्ड की ठीक से जांच करने के साथ-साथ सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगा।# अहमदाबाद में पीजी में रहने वाली छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, गार्ड गिरफ्तार
अहमदाबाद के आनंदनगर इलाके में पीजी में रहने वाली 22 साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। छात्रा इंटीरियर डिजाइन की पढ़ाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक, घटना 8 अगस्त की रात करीब 9 बजे हुई। छात्रा टहलने के लिए इमारत की छत पर गई थी। इसी दौरान वहां काम करने वाला सुरक्षा गार्ड धर्म सिंह भी छत पर पहुंच गया। आरोप है कि गार्ड ने छात्रा को अकेला देखकर उसके साथ जबरदस्ती की। घटना के बाद वह छात्रा का मोबाइल फोन लेकर वहां से भाग गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज की और छात्रा को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमें लगाईं। जांच के दौरान इमारत और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। पुलिस को आरोपी की गतिविधियों से जुड़े सुराग मिले। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने सीसीटीवी और दूसरी जानकारी के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। रातभर तलाश करने के बाद पुलिस ने 9 अगस्त की सुबह आरोपी को अहमदाबाद के हेबतपुर इलाके के पास से पकड़ लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े दूसरे सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम धर्म सिंह है और वह उत्तर प्रदेश के हरदोई का रहने वाला है। उसने इस सोसायटी में सुरक्षा गार्ड की नौकरी घटना से कुछ दिन पहले ही शुरू की थी। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसे नौकरी देने से पहले उसकी पहचान और पुराने रिकॉर्ड की जांच हुई थी या नहीं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय वह छत पर कैसे पहुंचा और घटना के बाद किस रास्ते से वहां से निकला। पुलिस छात्रा के बयान, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है। आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन उसके खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सबूतों के आधार पर होगा।
इस घटना के बाद पीजी और सोसायटियों में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खासकर सुरक्षा गार्ड रखने से पहले उसकी पहचान और पुराने रिकॉर्ड की जांच करना कितना जरूरी है, इस पर ध्यान दिया जा रहा है। सोसायटी में सिर्फ मुख्य गेट पर गार्ड होना ही काफी नहीं है। छत, सीढ़ियों और पार्किंग जैसी जगहों पर भी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। सीसीटीवी कैमरे लगे होने के साथ उनकी रिकॉर्डिंग पर नजर रखना भी जरूरी है। हालांकि इस मामले में सोसायटी या सुरक्षा एजेंसी की कोई गलती थी या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच चल रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी सबूतों की जांच कर रही है। आगे आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी। इस घटना ने यह भी दिखाया है कि पढ़ाई या नौकरी के लिए परिवार से दूर रहने वाली लड़कियों के लिए सुरक्षित पीजी और रहने की जगह कितनी जरूरी है। पीजी और सोसायटी चलाने वालों को सुरक्षा गार्ड की ठीक से जांच करने के साथ-साथ सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगा।