करीश्मा कपूर के बच्चों और सौतेली मां में 30 हजार करोड़ की जंग, एससी ने कहा समझौता करो
बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड और बिजनेसमैन सुंजय कपूर के 30,000 करोड़ के एस्टेट को लेकर फैमिली में जंग अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। सुंजय के निधन के बाद उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर और करिश्मा से हुए दो बच्चों समैरा और कियान के बीच आरके फैमिली ट्रस्ट की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सुलझाने के लिए पूर्व सीजीआई दिवाय चंद्रचूड़ को मीडिएटर नियुक्त किया है। दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है और वकीलों ने कहा है कि अगस्त 2026 तक समझौते की उम्मीद है। करिश्मा की बहन करीना ने भी सोशल मीडिया पर "Justice and truth will always prevail" लिखकर सपोर्ट किया।
सुंजय कपूर का निधन 12 जून 2025 को विंडसर, यूके में पोलो खेलते समय हो गया था। इसके बाद प्रिया कपूर ने 21 मार्च 2025 की एक विल पेश की जिसमें कहा गया कि सुंजय की पूरी पर्सनल प्रॉपर्टी प्रिया के नाम है। इस विल को करिश्मा के बच्चों और सुंजय की मां रानी कपूर ने चैलेंज कर दिया। बच्चों का आरोप है कि सुंजय ने कभी ऐसी विल का जिक्र नहीं किया और ये फर्जी है। पहले प्रिया ने कहा था कि सारी संपत्ति आरके फैमिली ट्रस्ट में है, फिर अचानक विल सामने आ गई। बच्चों ने कोर्ट से मांग की है कि उन्हें लीगल वारिस माना जाए और एस्टेट में 1/5 हिस्सा दिया जाए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए प्रिया कपूर को सुंजय की संपत्ति बेचने, ट्रांसफर करने या गिरवी रखने से रोक दिया है। कोर्ट ने भारतीय कंपनियों के शेयर, आर्टवर्क, विदेशी बैंक अकाउंट और क्रिप्टो होल्डिंग्स पर भी रोक लगा दी है। जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि विल को मान्य करने से पहले प्रिया को लेगितिमाते सूपीसीओंस दूर करने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि ये फैमिली डिस्प्यूट है, इसे परिवार में ही सुलझाएं और इसे एंटरटेनमेंट न बनाएं। कोर्ट ने सभी पक्षों को "ओपन माइंड" से मीडिएशन में शामिल होने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीजीआई दिवय चंद्रचूड़ को मीडिएटर बनाया है। दोनों पक्षों के वकीलों ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि मीडिएशन एडवांस स्टेज में है और अगस्त तक मामला सुलझ सकता है। रानी कपूर के वकील श्याम दीवान और प्रिया के वकील श्येल त्रेहान ने कोर्ट में कहा कि "हमें उम्मीद है अच्छी खबर मिलेगी"। करिश्मा के बच्चों के वकील महेश जेठमलानी ने विल की भाषा, रजिस्ट्रेशन न होने और इसे तैयार करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। सुंजय की बहन मंदिरा कपूर ने भी कहा कि विल की फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए।
इस समय एस्टेट की सभी संपत्तियों पर स्टेटस को बरकरार रखने का आदेश है। कोर्ट ने प्रिया से 12 जून 2025 तक की संपत्ति और देनदारी का पूरा ब्यौरा मांगा है। करिश्मा के बच्चों का कहना है कि सुंजय ने उनके नाम बिजनेस और एसेट्स शुरू किए थे और ट्रस्ट में उन्हें बेनिफिशियरी बनाया था। प्रिया का कहना है कि बच्चों को पहले ही ट्रस्ट से 1900 करोड़ मिल चुके हैं। अगर अगस्त तक मीडिएशन से समझौता हो जाता है तो ये 30,000 करोड़ की हाई-प्रोफाइल लड़ाई खत्म हो सकती है। नहीं तो ट्रायल लंबा खिंचेगा।