संसद सत्र से पहले पीएम मोदी का नाश्ता, एनडीए सांसदों के साथ मंथन, शिवसेना-एनसीपी भी आए साथ मे
संसद के मॉनसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सभी सांसदों के लिए नाश्ता बैठक बुलाई। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ सहयोगी दलों के सांसद भी शामिल हुए। सबसे खास बात यह रही कि शिवसेना और एनसीपी के सांसद भी इस नाश्ते में मौजूद थे। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार की रणनीति, संसद में पेश होने वाले बिलों और महाराष्ट्र की राजनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि विपक्ष के हंगामे के बावजूद सरकार को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में 2026 के चुनाव और एनडीए को और मजबूत बनाने पर भी बातचीत हुई।
नाश्ता बैठक में क्या हुआ
यह बैठक संसद भवन में सुबह के समय आयोजित की गई। पीएम मोदी ने सभी सांसदों का स्वागत किया और चाय-नाश्ते के साथ अनौपचारिक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान गरीब, किसान और युवा वर्ग पर है। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री ने सांसदों को बताया कि इस सत्र में कौन-कौन से महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाएंगे। पीएम ने सांसदों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को संसद में मजबूती से उठाएं। सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र को लेकर भी विशेष चर्चा हुई क्योंकि वहां शिवसेना और एनसीपी की भूमिका बहुत अहम है।
शिवसेना और एनसीपी की मौजूदगी क्यों खास है
पिछले कुछ महीनों से शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच कुछ दूरियां देखी जा रही थीं। लेकिन इस नाश्ता बैठक में शिवसेना के सांसदों का शामिल होना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। सूत्रों के मुताबिक शिवसेना के सांसदों को पीएम की तरफ से सीधा न्योता मिला था और पार्टी ने भी उन्हें बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया था। वहीं एनसीपी के सांसद भी इस बैठक में पहुंचे। कुछ दिन पहले ही शरद पवार ने पीएम मोदी से मुलाकात कर किसानों के मुद्दे पर बात की थी। इस बैठक को एनडीए में एकजुटता का बड़ा संकेत माना जा रहा है, खासकर तब जब विपक्ष इंडिया गठबंधन को मजबूत करने में जुटा हुआ है।
बैठक का सियासी मतलब क्या है
यह सिर्फ नाश्ता बैठक नहीं थी, बल्कि एनडीए की एक बड़ी रणनीतिक बैठक थी। 2026 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना चाहते हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना-शिंदे गुट और एनसीपी-अजित गुट पहले से ही एनडीए के साथ हैं। अब उद्धव वाली शिवसेना के सांसदों का आना भी एनडीए के लिए सकारात्मक संकेत है। बैठक में यह भी तय हुआ कि संसद में विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का मिलकर जवाब दिया जाएगा। पीएम ने कहा कि लोकसभा में एनडीए का आंकड़ा 318 और राज्यसभा में 154 के पार है, लेकिन हमें अभी और मजबूती चाहिए।
अब आगे क्या होगा
नाश्ता बैठक के बाद सभी सांसदों में उत्साह देखा गया। सभी ने कहा कि वे पीएम के नेतृत्व में एकजुट हैं। अब संसद सत्र में सरकार के सामने महंगाई, बेरोजगारी और विपक्ष के हमलों जैसी चुनौतियां हैं। पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि सरकार अपने काम के दम पर चुनाव लड़ेगी। शिवसेना और एनसीपी की मौजूदगी से यह साफ है कि एनडीए महाराष्ट्र को लेकर भी गंभीर है। आने वाले दिनों में पीएम की ऐसी और बैठकें हो सकती हैं ताकि 2026 की तैयारी पहले से शुरू हो जाए।