गर्भवती महिला और नवजात को रक्तदान से दिल्ली पुलिस के जवान ने दी नई ज़िंदगी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
आम जनता दिल्ली पुलिस के बारे में भले ही कैसी भी राय रखे, मगर कुछ पुलिसवाले इंसानियत के साथ खड़े नज़र आते हैं। दिल्ली के यमुनापार में जब एक गर्भवती महिला को खून की जरूरत थी तब दिल्ली पुलिस के एक जवान ने फरिश्ता बन उन दोनों की जान बचाई। जानकारी के मुताबिक, यमुनापार के प्रियदर्शनी विहार में रहने वाली महिला की डिलीवरी होने वाली थी। डॉक्टरों ने परिजनों से ओ-निगेटिव ब्लड का इंतजाम करने को कहा। काफी कोशिश के बावजूद कोई रक्त देनेवाला नहीं मिला। डॉक्टरों ने अर्जेंट ब्लड की जरूरत बताई तो राष्ट्रीय महिला आयोग से मदद मांगी गई। आयोग की तरफ से रमन को संपर्क किया गया, क्योंकि उन्होंने खुद को स्वेच्छा से ब्लड डोनेट करने के लिए खुद को आयोग में रजिस्टर्ड करा रखा था। राष्ट्रीय महिला आयोग के जरिए दिल्ली पुलिस के पीआरओ डिपार्टमेंट में तैनात कॉन्स्टेबल रमन गुलिया को इसकी जानकारी मिली। वह तुरंत बीएल कपूर अस्पताल पहुंचे। वहां ब्लड देकर महिला और नवजात की जान बचाई। राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से समय पर अस्पताल जाकर ब्लड देने पर महिला और नवजात बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए सिपाही रमन का शुक्रिया अदा किया गया है। सिपाही रमन का कहना है कि वह आगे भी जरूरतमंदों को खून देने के लिए तैयार रहेंगे। अगर उनकी वजह से किसी को जिंदगी मिलती है तो इससे बढ़कर खुशी और संतुष्टि कुछ भी नहीं हो सकती है। जाहिर है इस घटना के बाद पुलिस की छवि के बारे में लोगों का नजरिया अवश्य बदलेगा।