धारावी में अपात्र लोगों को भी मिलेगा घर, रीडिवेलपमेंट का प्लान तैयार
08 Dec, 2022
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संवाददाता/in24 न्यूज़।
आर्थिक राजधानी में स्थित एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी के रीडिवेलपमेंट की योजना को गति देने के लिए सरकार ने नया प्लान किया है तैयार, नए प्लान के मुताबिक वहां रहने वाला कोई भी नागरिक बेघर न हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में धारावी में रहने वाले पात्र नागरिकों के साथ ही वहां के अपात्र नागरिकों के पुनर्वसन की भी योजना तैयार की गई है। अपात्र नागरिकों के रहने की व्यवस्था कर सरकार ने प्रॉजेक्ट को विवाद से बचने का रास्ता खोज लिया है। धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राधिकरण के अनुसार, धारावी में रहने वाले अपात्र परिवारों को बेघर करने के बजाय उनको रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत किराए पर घर उपलब्ध करवाए जाएंगे। करीब 600 एकड़ परिसर में फैली धारावी की झोपड़पट्टी में करीब 1 लाख झोपड़े हैं। इनमें सैकडों लोगों ने एक से दो मंजिला घर बना लिए हैं। मालिक के साथ ही इन बस्तियों में हजारों की संख्या में किराएदार वर्षों से रह रहे हैं। जानकारी के अनुसार धारावी में 30 हजार से 40 हजार अपात्र निवासी हैं, जबकि करीब 56 हजार पात्र लोग हैं।पात्र परिवारों को तो सरकार की तरफ से मुफ्त में घर दिया जाएगा, जबकि अपात्र परिवारों के लिए प्राधिकरण ने सशुल्क पुनर्वसन योजना तैयार की है। इसके तहत अपात्र नागरिक तय नियम के साथ कंस्ट्रक्शन कॉस्ट भरकर घर खरीद सकते हैं, जबकि जो नागरिक कंस्ट्रक्शन कॉस्ट जमा करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें किराए पर घर मुहैया करवाया जाएगा। प्राधिकरण के अनुसार, अपात्र नागरिकों को घरों की बिक्री प्रधानमंत्री आवास योजना या राज्य सरकार की गृहनिर्माण योजना के तहत की जाएगी। घरों का किराया और घरों की कीमत तय करने का अधिकार प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या विशेष कार्यकारी अधिकारी के पास होगा।सरकार ने धारावी के अपात्र लोगों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत वडाला के सॉल्ट पैन लैंड पर घर तैयार करने का निर्णय लिया है। वडाला में घर तैयार करने के लिए धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राधिकरण को 99 वर्ष के लिए जमीन लीज पर दी जाएगी। धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.वी.आर श्रीनिवास के अनुसार, धारावी में रहने वाले नागरिकों की पात्रता तय करने का काम आगामी दो से तीन महीने में आरंभ हो जाएगा। यह काम शुरू होने के चार से छह महीने के भीतर पात्र और अपात्र नागरिकों की पहचान का काम पूरा हो जाएगा।धारावी रीडिवेलपमेंट के लिए प्राधिकरण ने टेंडर प्रक्रिया के जरिए अदाणी रियल्टी का चयन कर लिया है। अदाणी रियल्टी ने टेंडर के दौरान सबसे अधिक 5029 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। प्राधिकरण द्वारा सबसे अधिक बोली को मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद धारावी के रीडिवेलपमेंट का काम शुरू करने के लिए स्पेशल पर्पस वीकल कंपनी का निर्माण किया जाएगा। कंपनी में 400 करोड़ रुपये की 80 फीसदी हिस्सेदारी बोली जीतने वाली कंपनी और 20 फीसदी यानी 100 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी सरकार की होगी। पूरे परिसर के विकास पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के 7 वर्ष के भीतर कंपनी को निर्माण कार्य पूरा करना होगा।