लखीमपुर घटना में मृत किसानों के परिवारों को मिलेंगे 45-45 लाख रुपए, एक सदस्य को नाैकरी
संवाददाता/in24 न्यूज़।
लखीमपुर खीरी में की घटना को लेकर जमकर सियासत शुरू हो गई है। यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई दुखद घटना को लेकर प्रशासन और किसानों में समझौता हो गया है। ख़बरों के मुताबिक 8 दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा, मृत किसानों के परिजनों को 45 लाख का मुआवजा देने के साथ ही न्यायिक जांच को लेकर सहमति बन गई है। घायलों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही नई कमेटी का गठन किया जाएगा जो रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में मामले की जांच करेगी। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया है कि दोषियों के खिलाफ केस दर्ज हो गया है, जांच जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या 9 हो गई है। इसका असर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी नजर आ रहा है। यहां लखीमपुर जाने से रोकने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। अखिलेश ने कहा कि किसानों पर अंग्रेजों के शासन से भी ज्यादा जुल्म भाजपा सरकार कर रही है। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 'पहली बात हुई है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का नाम एफआईआर में दर्ज हुआ है, 10-11 दिन का जो समय प्रशासन ने मांगा है अगर उसके अंदर का कार्रवाई नहीं की गई तो हम पंचायत करेंगे, हम किसानों के दाह संस्कार तक यही रहेंगे और पांच डॉक्टरों की निगरानी में पोस्टमॉर्टम होगा और उसका वीडियो रिकॉर्डिंग ही किया जाएगा'। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अभी इंटरनेट नहीं चल रहा है इसलिए हमें बहुत सारी वीडियो सबूत नहीं मिले हो लेकिन जैसे ही इंटरनेट चलेगा, आपके पास कोई वीडियो है तो वह हमें जरूर भेजें। बता दें कि लखीमपुर खीरी में हुई इस घटना के बाद अनेक नेता यहां अपनी सियासत के लिए आना चाहते हैं, पर उनके न आने के लिए धारा 144 लगा दी गई है।