बीजेपी के मुखौटे हैं सोनू सूद : राउत
संवाददाता/in24 न्यूज़।
बॉलीवुड के एक्टर सोनू सूद ने जिस तरह कोरोना पीड़ितों और प्रवासी मज़दूरों की यथासंभव मदद की उससे उनकी हर तरफ तारीफ हुई. मगर शिवसेना को सोनू की मदद में भी राजनीति नज़र आती है. एक्टर सोनू सूद की एक ओर जहां चारों तरफ वाहवाही हो रही है, वहीं दूसरी तरफ शिवसेना नेता संजय राउत ने उन पर निशाना साधा है। राउत ने सोनू को बीजेपी का मुखौटा बताने की कोशिश की है. संजय राउत ने कहा कि सोनू सूद एक अच्छे एक्टर हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मों के लिए अलग-अलग डायरेक्टर होते हैं, सोनू सूद ने जो काम किया है, वह अच्छा है लेकिन अब जो कर रहे हैं, संभवत: इसके पीछे किसी राजनीतिक डायरेक्टर का डायरेक्शन हो सकता है। संजय राउत ने सोनू सूद पर सवाल उठाते हुए कहा कि बहुत चालाकी से वो 'महात्मा' सूद बनने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। रविवार को शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में संजय राउत ने पूछा कि 'आखिर जब लॉकडाउन में लोगों को कहीं आने-जाने की अनुमति नहीं है तो बिना किसी राजनीतिक दल की मदद के उन्हें बसें कैसे मिल जा रही हैं?' राउत ने शिवसना के मुखपत्र 'सामना' में एक्टर सोनू सूद की ओर से किए जा रहे मदद कार्यों पर सवाल खड़ा किया गया है। उन्होंने इसके लिए बीजेपी पर निशाना साधा है। वहीं, बीजेपी ने संजय राउत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। संजय राउत ने रोकटोक कॉलम में लिखा है कि लॉकडाउन के दौरान अचानक सोनू सूद नाम का एक महात्मा तैयार हो गया है। इतने झटके और चतुराई के साथ किसी को महात्मा बनाया जा सकता है? राउत ने प्रवासी मजदूरों को बस में भेजने के लिए आए पैसों पर सवाल उठाते हुए सोनू सूद को बीजेपी का मुखौटा बताने की कोशिश की है। कांग्रेस के पूर्व मुंबई अध्यक्ष संजय निरुपम ने सोनू सूद पर शिवसेना की भूमिका का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि शिवसेना कोरोना संकट के बीच गरीबों की मदद के मुद्दे पर फेल हो गई, उसे सोनू की आलोचना नहीं बल्कि सम्मान करना चाहिए.