भारत और नेपाल का रिश्ता कोई नहीं तोड़ सकता : राजनाथ सिंह
संवाददाता/in24 न्यूज़.
नेपाल ने जान हाल ही में अपना नक्शा पेश किया उसपर काफी विवाद हुआ. नेपाल की गोलीबारी में एक भारतीय की जान भी चली गई. बावजूद इसके दोनों देशो के रिश्ते मजबूत रहेंगे ऐसी उम्मीद जताई गई. इसी कड़ी में विवादों पर विराम लगाते हुए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि भारत के पड़ोसी देश नेपाल के साथ सामाजिक, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक ही नहीं बल्कि धार्मिक रिश्ते भी हैं. उन्होंने कहा दोनों देशों के बीच चर्चा के माध्यम से सीमा संबंधी चिंताओं का समाधान किया जाएगा. उत्तराखंड के लिए एक वर्चुअल जनसंवाद रैली में राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत द्वारा लिपुलेख दर्रा तक सड़क का निर्माण एकदम अपने क्षेत्र में किया गया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा भारत और नेपाल के बीच का जो रिश्ता है ये कोई सामान्य रिश्ता नहीं है. भारत और नेपाल का रिश्ता रोटी और बेटी का है. दुनिया की कोई ताकत इस रिश्ते को तोड़ नहीं सकती है. रक्षा मंत्री ने कहा कि लिपुलेख रोड बनने के कारण अगर कोई गलतफहमी नेपाल के लोगों में पैदा हुई है तो उसका समाधान हम लोग मिल बैठकर निकालेंगे. मैं पूरे विश्वास के साथ कहना चाहता हूं भारत में रहने वाले लोगों के मन में कभी भी नेपाल को लेकर किसी प्रकार की कटुता पैदा हो ही नहीं सकती है. रैली के दौरान राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि अपने हर घोषणा पत्र में हमने कहा कि हमारी सरकार बनेगी तो हम धारा 370 समाप्त करेंगे. लोग कहते थे कि भाजपा वाले केवल वोट हासिल करने के लिए इसे घोषणा पत्र में शामिल करते हैं. हमको पूर्ण बहुमत हासिल हुआ और धारा 370 समाप्त हो गई. नेपाल की संसद ने शनिवार को सर्वसम्मति से देश के नए राजनीतिक मानचित्र के लिए संविधान में संशोधन करने के लिए मतदान किया. नेपाल के नए मानचित्र में भारत के तीन क्षेत्रों को नेपाल में दिखाया गया है. नेपाल सीमा पर भारत के निर्माण का भी विरोध करता रहा है. हाल ही में नेपाल के पीएम ने भारत पर कोरोना वायरस फ़ैलाने का भी आरोप लगाया था.