मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की मध्यस्थता के बाद रवि राणा और बच्चू कडू में समझौता
संवाददाता/ in24 न्यूज़।
निर्दलीय विधायक रवि राणा ने प्रहार जनशक्ति पार्टी के विधायक बच्चू कडू के खिलाफ पैसे लेकर शिंदे गुट के समर्थन के लिए गुवाहाटी जाने के संबंध में लगाए गए आरोपों को वापस ले लिया है। राणा ने कडू पर लगाए गए आरोपों को लेकर खेद भी जताया है। जबकि कडू ने कहा है कि वे मंगलवार को अमरावती में अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे। बीते कई दिनों से राणा और कडू के बीच चल रहे विवाद पर हस्तक्षेप करने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को देर रात साढ़े तीन घंटे तक दोनों विधायकों के साथ बैठक की। इसके बाद सोमवार सुबह उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी राणा और कडू से मिले। इसके बाद राणा ने नरम रुख अपनाते हुए कडू के खिलाफ दिए गए बयान को वापस ले लिया। राणा ने कहा कि मैंने अपने बयान पर खेद जता दिया है। मुझे अपेक्षा है कि कडू भी मेरे खिलाफ दिए गए विवादित बयान को वापस ले लेंगे। कडू ने कहा था कि मैं लोगों की जेब काट कर अनाज बांटता हूं। राणा से जब पूछा गया कि कडू क्या सचमुच 50 खोखा लेकर समर्थन दिया था तो इस पर वे पूर्व की महाविकास आघाडी सरकार के भ्रष्टाचार गिनाने लगे। उल्लेखनीय है कि अमरावती की बडनेरा सीट से निर्दलीय विधायक राणा सत्तारूढ़ भाजपा के समर्थक हैं। जबकि अमरावती की अचलपुर सीट से विधायक कडू शिंदे गुट के साथ हैं। राणा के पैसे लेकर समर्थन देने वाले बयान के बाद कडू ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
वहीं उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कडू मेरे केवल एक फोन पर गुवाहाटी में शिंदे गुट को समर्थन देने के लिए गए थे। मैंने उन्हें खुद फोन करके राज्य में नई सरकार बनाने के लिए उनका समर्थन मांगा था। इसलिए कडू पर शिंदे सरकार के समर्थन के लिए सौदे बाजी का आरोप लगाना गलत है। मैं बाकी शिंदे गुट के विधायकों के बारे में नहीं बोल रहा हूं। मेरा ऐसा कहना भी नहीं है कि शिंदे गुट के विधायकों ने सौदा किया है। मैंने केवल कडू को समर्थन के लिए फोन किया था। जबकि शिवसेना के बागी विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर विश्वास करके गुवाहाटी गए थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों विधायकों ने कहा कि उन्होंने एक-दूसरे के खिलाफ गुस्से में बयान दिया था। इसलिए हमारे लिए यह विवाद खत्म हो गया है। विधायक बच्चू कडू ने कहा कि मैं अमरावती में सोमवार देर रात प्रहार जनशक्ति पार्टी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा करूंगा। इसके बाद सोमवार को अमरावती में अपनी भूमिका स्पष्ट करूंगा। कडू ने कहा कि आरोप मुझ पर व्यक्तिगत लगे हैं। लेकिन मेरे लिए कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है। मैं कार्यकर्ताओं से चर्चा के बिना अपने फैसले की घोषणा नहीं कर सकता हूं।