एटीएस ने किया मनसुख मर्डर केस सुलझाने का दावा
संवाददाता/in24 न्यूज़.
मुंबई एटीएस ने दावा किया है कि उसने मनसुख हिरेन मर्डर केस को सुलझा लिया है. बता दें कि इस मामले ने महाराष्ट्र में राजनीतिक भूचाल पैदा कर दिया है. गृह मंत्रालय द्वारा मनसुख हिरेन मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को हस्तांतरित करने की घोषणा के एक दिन बाद महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने घोषणा की कि उन्होंने इस केस को हल कर दिया है. शिवदीप लांडे, डीआईजी, महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर एक संदेश के साथ साझा की, जिसमें लिखा था कि हमने रहस्यमय मनसुख हिरेन हत्याकांड को सुलझा लिया है. मैं दिल से अपने एटीएस अधिकारियों को सलाम करता हूं, जिन्होंने दिन-रात काम किया और नतीजे पर पहुंचे. यह मेरे करियर में सबसे मुश्किल मामलों में से एक है. एटीएस द्वारा दो लोगों नरेश गोर (31) और विनायक शिंदे (51) को हत्या के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद लांडे ने यह मैसेज शेयर किया. गोर एक क्रिकेट सट्टेबाज है, जबकि शिंदे 2006 में छोटा राजन के सहयोगी लखन भैय्या के एनकाउंटर में सहायता करने और उसकी हत्या के मामले में दोषी है. दोनों लोगों को रविवार को ठाणे की एक अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया था. निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे मामले में महत्वपूर्ण साजिशकर्ता है. एक रिपोर्ट के अनुसार यह पूछे जाने पर कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जब मामले को एनआईए को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था, तब भी वे इस मामले की जांच कैसे कर रहे थे, एटीएस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ट्रांसफर का औपचारिक आदेश अभी नहीं मिला है. एटीएस के एक अधिकारी ने कहा कि सभी मामले का विवरण मंगलवार तक एनआईए को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार एटीएस सूत्रों का कहना है कि मामले में मिले तकनीकी सबूतों के आधार पर गोर और शिंदे दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. कच्छ निवासी गोर ने गुजरात से अवैध रूप से आठ सिम कार्ड खरीदे और शिंदे को दिए. शिंदे ने मध्यस्थ के रूप में काम किया और वाजे को सिम कार्ड सौंप दिए. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सिम कार्ड फरवरी के पहले सप्ताह में वाजे को सौंप दिए गए थे. सूत्रों से पता चला है कि हिरेन के हत्यारों ने जब्त किए गए सिम कार्डों में से एक का इस्तेमाल किया था. एटीएस ने खुलासा किया है कि विस्फोटक रखने की कहानी वाजे ने रची थी, क्योंकि वह केस को सॉल्व करके सुपर कोप बनना चाहता था. कहा गया है कि पहले वाजे ने मनसुख को विस्फोटक रखने को कहा था लेकिन उसने इससे इंकार कर दिया. वाजे को लगा कि मनसुख सारी बातें उगल लेगा इसलिए उसकी हत्या की साजिश रची गई. शिंदे ने ही तावड़े बनकर मनसुख को बुलाया था. बता दें कि सचिन वाजे निलंबित है और पुलिस की गिरफ्त में है.