नवजात बच्ची अपहरण मामले में एक महिला गिरफ़्तार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
मां बनने के लिए कई बार ऐसी ग़लती कर दी जाती है जिसका सच आने से सबकुछ बर्बाद हो जाता है. एक ऐसा ही मामला है पिंपरी का. एक महिला का सातवें महिने में गर्भपात हो गया था लेकिन इस बात को उसने अपने पति से छुपा कर रखी। एक चार महिने की नवजात बच्ची का अपहरण करके अपनी बच्ची के रूप में पति के सामने महिला ने पेश की। नवजात के अपहरण मामले में बीड जिले के अंबेजोगाई से रानी शिवाजी यादव नामक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया और बच्ची को उसके छुड़ाया गया। पुलिस को नवजात शिशु के मूल माता पिता की तलाश है। बताया गया कि फरियादी राजेंद्र प्रभाकर नागपुरे नवजात का पालक नहीं है। पत्रकार परिषद में पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार राजेंद्र प्रभाकर नागपुरे से चार माह की बच्ची का चाकण परिसर से अपहरण किया गया। रानी काम की तलाश में यहां आयी थी। राजेंद्र के पास काम मिला। विश्वास जीता फिर चार माह की बच्ची धनश्री का अपहरण करके वह फरार हो गई। राजेंद्र ने चाकण पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तलाशी के बाद रानी यादव को बीड जिला के अंबेजोगाई के कुत्तर विहिर से गिरफ्तार किया। प्रेम संबंध के बाद धनश्री का जन्म एक प्रायवेट हॉस्टिपल में जन्म हुआ। राजेंद्र नागपुरे और उसकी पत्नी उसके लालन पालन करने की जिम्मेदारी उठा रहे थे। नवजात की बरामदगी के बाद पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश ने मूल माता-पिता से उसकी जिम्मेदारी स्वीकार करने की अपील की है। बता दें कि नवजात के मूल माता- पिता के मिलते ही उन्हें सौंप दी जाएगी।