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बाप ने मासूम बेटी की बलि दी

20 Apr, 2020 1026

संवाददाता/in24 न्यूज़.
भले ही आज देश के विकास की बात की जाती है, पर यह भी सच है कि आज भी कई लोग अंधविश्वास में इस कदर जकड़े हुए हैं कि वे किसी भी हद तक जा सकते हैं. मुजफ्फरनगर जिले के थाना ककरौली क्षेत्र में रविवार रात को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। इस घटना को किसी और नहीं बल्कि एक पिता ने अंजाम दिया है। इस बेरहम पिता ने अपनी ढाई साल की मासूम बेटी से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी बलि दे दी। पहले उसने अपनी बेटी को गला दबाकर मार डाला और फिर लाश को ठिकाने के लिए फावड़े से काट कर उसके टुकड़े कर दिए। सोमवार की सुबह पड़ोसियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपित पिता से पूछताछ की तो घटना का खुलासा किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपित पिता ने बताया कि उसने यह काम तांत्रिक के कहने पर नहीं अपनी मर्जी से किया है। पुलिस ने कातिल बाप और तांत्रिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार ककरौली थाना क्षेत्र का सिकंदरपुर गांव निवासी वाजिद पुत्र खुर्शीद खाईखेड़ी में एक भट्टे पर मजदूरी करता था। उसकी पांच संतानों में दो जुड़वा बेटियां थीं। वाजिद अपने साथी कथित तांत्रिक इरफान के साथ ही ईंट-भट्टे पर काम  करता था। दोनों सुल्फा व भांग के नशे के आदि थे। कभी हिन्दू बन जाते थे तो कभी मुसलमान। वे घर में नमाज भी पढ़ते थे और देवी माता की पूजा भी करते थे। तरन्नुम और दूसरी बेटी जुड़वा पैदा हुई थीं। वाजिद इन दोनों बेटियों से पीछा छुड़ाना चाहता था। यह अलग बात है कि उसने एक ही बेटी की हत्या की। यह बात उसने अपने कथित नशेड़ी मित्र तांत्रिक इरफान को बताई तो उसने कहा कि माता के नाम पर तुम इस की बलि ले सकते हो। पुलिस ने बताया कि इसके बाद रविवार देर रात उसने अपनी पत्नी के ऊपर माता के आने का कारण बताते हुए अपने ढाई वर्षीय बेटी तरन्नुम की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को ठिकाने के लिए फावड़े से काटकर उसके दो के टुकड़े भी कर दिए। पड़ोसियों को घटना की भनक लगी तो उन्होंने पुलिस को फोन किया। पुलिस ने आज वाजिद और सोमवार को सवेरे उसके मित्र तांत्रिक को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के सामने वाजिद ने बताया कि उसकी पत्नी को माता आती है उसी के कहने पर उसने अपनी बेटी की बलि ली है इसमें तांत्रिक की कोई भूमिका नहीं है। उधर, आस-पड़ोस के लोगों का कहना है कि तांत्रिक के इशारे पर ही वाजिद ने अपनी बेटी की हत्या की है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि बलि के नाम पर उसने अपनी बेटी की हत्या की है। क्योंकि उनके जन्म के बाद से ही जल्द पीछा छुड़ाने की बात यदा-कदा करता रहता था। ककरौली थानाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह का कहना है कि दोनों अपने बयान बार-बार बदल रहे हैं। घटना की जांच की जा रही है फिलहाल पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।

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