आतंकवादी साजिश का पर्दाफाश, एनआईए ने 21 जगहों पर मारे छापे
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को भारत के पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 21 जगहों पर छापेमारी कर आईएसआईएस और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़ी एक बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया।
एनआईए ने बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 21 जगहों पर व्यापक तलाशी ली। छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए।
यह अभियान अखलाथुर उर्फ मोहम्मद अखलाक मुजाहिद की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। उस पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है।
इस साजिश का मकसद प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ने के लिए लोगों की भर्ती करना और साजो-सामान जुटाना था। एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के ज़रिए इन आतंकवादी संगठनों के संपर्क में था। पाकिस्तान और सीरिया में सक्रिय कुछ संगठनों से उसके संबंध भी उजागर हुए हैं।
इससे पहले सोमवार को एनआईए ने 5 राज्यों और जम्मू-कश्मीर में 22 जगहों पर छापेमारी की थी। इनमें से जम्मू-कश्मीर में 9 जगहों पर संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी ली गई। इन सभी संदिग्धों के विदेशों में सक्रिय नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है। ये छापे राज्य पुलिस बल और सीआरपीएफ के सहयोग से मारे गए। यह जाँच देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती, धन उगाही और स्लीपर सेल स्थापित करने से संबंधित है।
एनआईए 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले की भी जांच कर रही है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। अधिकारियों के अनुसार, हमले को अंजाम देने वाले तीन पाकिस्तानी आतंकवादी 'ऑपरेशन महादेव' नामक एक अभियान में मारे गए थे। सुरक्षा बलों द्वारा ज़ब्त किए गए मोबाइल फ़ोनों की तस्वीरों से उनकी पहचान की पुष्टि हुई। एनआईए ने हाल के महीनों में आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने और उनकी रसद व्यवस्था को बाधित करने के अपने प्रयासों को तेज़ कर दिया है।