कोरोना वायरस का इलाज आयुर्वेद में
संवाददाता/in24 न्यूज़.
चीन से निकला खतरनाक वायरस कोरोना से आज दुनिया के कई देश डरे हुए हैं. कई मासूमों ने अपनी जान तक गंवा दी, मगर अब एक उम्मीद जगी है कि आयुर्वेद में इसका इलाज संभव है. गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जो आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति पर आधारित है. एडवाइजरी में गया है कि कई यूनानी दवाएं कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए कारगर हैं. सलाह में कहा गया है कि हाथों को साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक धोना, आंखों, नाक और मुंह को बिना धुले हाथों से न छूना आपको इसके संक्रमण से बचा सकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार आयुर्वेद की सलाह में शदांग पनिया (मुस्ता, परपाट, उशीर, चंदन, उदया गर्म पानी के साथ एक दिन में शेषमणि वटी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार त्रिकटु (पिप्पली, मारीच और शुंठी) पाउडर 5 ग्राम और तुलसी 3-5 पत्ते की सलाह दी गई है. मंत्रालय ने आगाह किया कि इसे केवल पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सकों के परामर्श से अपनाया जाएगा. सरकार की इस एडवाइजरी की सोशल मीडिया पर भी चर्चा है. मंत्रालय ने कहा कि 28 जनवरी को अपने वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड की एक बैठक के बाद सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होम्योपैथी ने सिफारिश की थी. कहा गया है होम्योपैथी दवा आर्सेनिकम एल्बम 30 को कोरोनावायरस संक्रमण के खिलाफ रोगनिरोधी दवा के रूप में लिया जा सकता है. इसे रोजाना तीन दिनों तक खाली पेट में लेना चाहिए. मंत्रालय ने शरबत उन्नाब 10-20 मिली दिन में दो बार तिर्यक अरबा 3-5 ग्राम दिन में दो बार तिर्यक नजला 5 ग्राम दिन में दो बार और खमीरा मर्वर 3-5 ग्राम एक बार सहित कई दवाओं को सूचीबद्ध किया है. रोगन और रूहान मॉम / कफूरी बाम के साथ सिर और छाती पर मालिश की सलाह दी है.