दिल्ली सरकार में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का आखिरी फैसला उपराज्यपाल के पास होगा
संवाददाता/in24 न्यूज़।
केजरीवाल सरकार को केंद्र सरकार से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग (transfer posting) का मामला एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर 11 मई के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। इससे पहले केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार के अधिकारों पर अध्यादेश जारी किया है। अध्यादेश के मुताबिक, दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का आखिरी फैसला उपराज्यपाल (LG) का होगा। इसमें मुख्यमंत्री का कोई अधिकार नहीं होगा। केंद्र के इस अध्यादेश के बाद एक बार फिर सियासत गरमा गई है। वहीं इस मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा कि केंद्र का यह अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है। केजरीवाल सरकार की पावर को कम करने के लिए यह अध्यादेश लाया गया है। बता दें कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार और केंद्र द्वारा नियुक्त उपराज्यपाल के बीच जारी अधिकारों की लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को ऐतिहासिक फैसला दिया था। दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े मामले में सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला दिया। कोर्ट के आदेश से यह तय हुआ कि दिल्ली का कंट्रोल लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार और मुख्यमंत्री के हाथों में होगी। सुप्रीम कोर्ट के इन निर्णय के बाद ऐसा लगा कि दिल्ली में सालों से चल रही केंद्र बनाम राज्य सरकार की लड़ाई समाप्त हो जाएगी। लेकिन इस आदेश के नौ दिन बाद भी केंद्र ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 में संशोधन करते हुए एक नया अध्यादेश पेश कर दिया है। ऐसे में आप बौखला गई है।