देश की सुरक्षा के लिए नया अध्याय होगा अग्निपथ योजना
15 Jun, 2022
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संवाददाता/in24 न्यूज़.
भारतीय सेना में चार साल की भर्ती के लिए मोदी सरकार द्वारा शुरु की गई अग्निपथ योजना का ऐलान किया जा चुका है. रक्षा मंत्रा राजनाथ सिंह ने मंगलवार को इस योजना की घोषणा की और इससे जुड़े सभी लाभों के बारे में भी बताया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं की विश्व की बेहतरीन सेना बनाने के लिए रक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि हम अग्निपथ स्कीम ला रहे हैं.. इससे भारतीय युवाओं को 'अग्निवीर' के तौर पर सेवा का मौका दिया जाएगा. इससे देश की सुरक्षा मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा. राजनाथ सिंह ने कहा कि देश का हर युवा जीवन में सेना की भर्ती का सपना देखता है. इस अग्निपथ योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को अन्य क्षेत्रों में जाने के भी अच्छे अवसर मिलेंगे. यही नहीं सेनाओं को भी हाई स्किल रिसोर्स मिल सकेगा. अग्निवीरों के लिए एक अच्छा पे-पैकेज मिलेगा. इसके अलावा एग्जिट के वक्त अच्छी रकम दी जाएगी. इस स्कीम को समझाते हुए लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि इस स्कीम से सेनाओं के पास युवा शक्ति होगी. इससे फिटनेस का लेवल और बेहतर हो सकेगा. फिलहाल भारत की सेनाओं की औसत आयु 32 वर्ष है. इस स्कीम के लागू होने से यह 24 से 26 वर्ष ही रह जाएगी. लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि यदि अग्निवीर सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देता है तो उसके परिवार को करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी. इसके अलावा दिव्यांग होने की स्थिति में 48 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की जाएगी. राजनाथ सिंह ने कहा कि इस योजना के तहत भर्ती होने वाले 75 फीसदी अग्निवीर सैनिकों को 4 साल बाद सेवा मुक्त कर दिया जाएगा, अन्य 25 प्रतिशत अति प्रतिभाशाली युवाओं को सेनाएं रिटेन करेंगी. इसके लिए उम्मीदवारों की आयु 17.5 साल से 21 साल तक के बीच रखी गई है. उनकी ट्रेनिंग 10 हफ्ते से 6 महीने तक की होगी. जिसके लिए 10/12वीं पास छात्र आवेदन कर सकेंगे. जो युवा 10वीं के बाद भर्ती होंगे उन्हें सेना की ओर से 12वीं का सर्टिफिकेट दिया जाएगा.लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा, सशस्त्र बलों में आज औसत आयु लगभग 32 वर्ष है, आने वाले समय में यह और कम होकर 26 वर्ष हो जाएगी. यह 6-7 वर्षों में होगा. सशस्त्र बलों को युवा, तकनीक-प्रेमी, आधुनिक में बदलने के लिए, युवा क्षमता का दोहन करने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार सैनिक बनाने की आवश्यकता है. अग्निपथ योजना के तहत सेना में रैंक से नीचे के अधिकारियों की भर्ती की जाएगी. अधिकारियों ने जानकारी दी है कि 4 साल की सेवा में 6 महीने की ट्रेनिंग अवधि भी शामिल है. अग्निपथ के जरिए सेना का हिस्सा बने सैनिकों को प्रति माह 30 हजार से 40 हजार रुपये तक सैलरी मिलेगी. साथ ही इन्हें 48 लाख रुपये का इंश्योरेंस मिलेगा. अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों को 'अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट' भी मिलेगा, जो उन्हें सेना की सेवा के बाद अन्य नौकरी हासिल करने में मदद करेगा. बता दें कि अग्निपथ योजना देश की सुरक्षा के लिए एक नया अध्याय साबित होने वाला है.
भारतीय सेना में चार साल की भर्ती के लिए मोदी सरकार द्वारा शुरु की गई अग्निपथ योजना का ऐलान किया जा चुका है. रक्षा मंत्रा राजनाथ सिंह ने मंगलवार को इस योजना की घोषणा की और इससे जुड़े सभी लाभों के बारे में भी बताया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं की विश्व की बेहतरीन सेना बनाने के लिए रक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि हम अग्निपथ स्कीम ला रहे हैं.. इससे भारतीय युवाओं को 'अग्निवीर' के तौर पर सेवा का मौका दिया जाएगा. इससे देश की सुरक्षा मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा. राजनाथ सिंह ने कहा कि देश का हर युवा जीवन में सेना की भर्ती का सपना देखता है. इस अग्निपथ योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को अन्य क्षेत्रों में जाने के भी अच्छे अवसर मिलेंगे. यही नहीं सेनाओं को भी हाई स्किल रिसोर्स मिल सकेगा. अग्निवीरों के लिए एक अच्छा पे-पैकेज मिलेगा. इसके अलावा एग्जिट के वक्त अच्छी रकम दी जाएगी. इस स्कीम को समझाते हुए लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि इस स्कीम से सेनाओं के पास युवा शक्ति होगी. इससे फिटनेस का लेवल और बेहतर हो सकेगा. फिलहाल भारत की सेनाओं की औसत आयु 32 वर्ष है. इस स्कीम के लागू होने से यह 24 से 26 वर्ष ही रह जाएगी. लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि यदि अग्निवीर सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देता है तो उसके परिवार को करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी. इसके अलावा दिव्यांग होने की स्थिति में 48 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की जाएगी. राजनाथ सिंह ने कहा कि इस योजना के तहत भर्ती होने वाले 75 फीसदी अग्निवीर सैनिकों को 4 साल बाद सेवा मुक्त कर दिया जाएगा, अन्य 25 प्रतिशत अति प्रतिभाशाली युवाओं को सेनाएं रिटेन करेंगी. इसके लिए उम्मीदवारों की आयु 17.5 साल से 21 साल तक के बीच रखी गई है. उनकी ट्रेनिंग 10 हफ्ते से 6 महीने तक की होगी. जिसके लिए 10/12वीं पास छात्र आवेदन कर सकेंगे. जो युवा 10वीं के बाद भर्ती होंगे उन्हें सेना की ओर से 12वीं का सर्टिफिकेट दिया जाएगा.लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा, सशस्त्र बलों में आज औसत आयु लगभग 32 वर्ष है, आने वाले समय में यह और कम होकर 26 वर्ष हो जाएगी. यह 6-7 वर्षों में होगा. सशस्त्र बलों को युवा, तकनीक-प्रेमी, आधुनिक में बदलने के लिए, युवा क्षमता का दोहन करने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार सैनिक बनाने की आवश्यकता है. अग्निपथ योजना के तहत सेना में रैंक से नीचे के अधिकारियों की भर्ती की जाएगी. अधिकारियों ने जानकारी दी है कि 4 साल की सेवा में 6 महीने की ट्रेनिंग अवधि भी शामिल है. अग्निपथ के जरिए सेना का हिस्सा बने सैनिकों को प्रति माह 30 हजार से 40 हजार रुपये तक सैलरी मिलेगी. साथ ही इन्हें 48 लाख रुपये का इंश्योरेंस मिलेगा. अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों को 'अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट' भी मिलेगा, जो उन्हें सेना की सेवा के बाद अन्य नौकरी हासिल करने में मदद करेगा. बता दें कि अग्निपथ योजना देश की सुरक्षा के लिए एक नया अध्याय साबित होने वाला है.