काबिल नेताओं को संभालने में कांग्रेस अक्षम : ज्योतिरादित्य
संवाददता/in24 न्यूज़.
कांग्रेस में इनदिनों नेतृत्व परिवर्तन के लिए घमासान मचा हुआ है, मगर सोनिया गांधी और राहुल गांधी लगातार इसकी उपेक्षा करते नज़र आ रहे हैं. इसी बीच कांग्रेस नेतृत्व पर हमले जारी रखते हुए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस में काबिल नेताओं पर सवालिया निशान खड़ा किया जाता है और उनके पूर्व दलीय सहयोगी सचिन पायलट ने भी हाल ही में यही स्थिति झेली है। कांग्रेस का दामन छोड़कर पांच महीने पहले भाजपा में शामिल होने वाले सिंधिया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पायलट मेरे मित्र हैं। उन्होंने जो पीड़ा झेली है, उससे सब लोग वाकिफ हैं। कांग्रेस किस तरह इतने विलंब के बाद अपना घर दुरुस्त करने की कोशिश कर रही है, इस बात से भी सब वाकिफ हैं। यह दु:ख की बात है कि कांग्रेस में काबिलियत पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया जाता है। यही स्थिति मेरे पूर्व सहयोगी (पायलट) ने भी झेली है। सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया है, अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास किया गया है और चीन को ईंट का जवाब पत्थर से दिया गया है। मोदी सरकार के इन अहम कदमों के बाद कांग्रेस अब पूरी तरह विफलता की राह पर जा रही है। समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर फेसबुक तथा व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया है। इस आरोप को लेकर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर सिंधिया ने कहा कि इंटरनेट एक स्वतंत्र माध्यम है। लेकिन जनता का विश्वास खोने वाले लोगों के पास जब कहने को कुछ नहीं होता है, तो इन मुद्दों को पकड़ा जाता है। बहरहाल, कांग्रेस के अनेक नेता महसूस कर रहे हैं कि उनका दम अब पार्टी में घुट रहा है.