पवार ने माना महाविकास आघाड़ी सरकार में सबकुछ ठीक नहीं
संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र सरकार में मतभेद को लेकर लगातार बयानबाजी की जा रही थी. अब एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने भी अपने बयान से इसपर मुहर लगा दी है कि महाविकास आघाड़ी सरकार से कांग्रेस व राकांपा के कई नेता नाराज हैं। लेकिन इस समय कोई अन्य विकल्प न होने की वजह से यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी और अपना कार्यकाल पूरा करेगी। पवार ने मंगलवार को मुंबई में पत्रकारों को बताया कि कोई विकल्प न हाेने के कारण ही तीन दलों ने मिलकर राज्य में सरकार बनाई है। इस समय चुनाव में जाने की स्थिति में कोई दल नहीं है लेकिन महाविकास आघाड़ी बनने के बाद सबसे ज्यादा परेशान देवेंद्र फडणवीस हैं। वह किसी भी तरह सरकार गिराने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस-राकांपा में नाराजगी होने पर भी सरकार नहीं गिरेगी। पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अच्छा काम कर रहे हैं। एक जगह से सभी विभागों का नियंत्रण करना आवश्यक है। इस बीच मुख्यमंत्री को बीच-बीच में जिलावार दौरा भी करना चाहिए। शरद पवार ने कहा कि दौरा करने से लोगों में विश्वास बढ़ता है, उसका असर अलग पड़ता है। इसी वजह से उन्होंने राकांपा में अनिल देशमुख, राजेश टोपे व राजेंद्र शिंगणे को फील्डवर्क की जिम्मेदारी सौप रखी है। अजीत पवार राज्य वित्त व नियोजन मंत्री हैं, जिससे उनका मंत्रालय में रहना आवश्यक है। लेकिन अजीत पवार व जयंत पाटील राकांपा पार्टी के संगठन का काम भी देख रहे हैं। शरद पवार ने कहा कि जिम्मेदारी का बंटवारा करने से राकांपा के कामकाज में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। भले ही पवार सरकार की तारीफ करें मगर उनकी बात से साफ़ है कि तीनों दलों में सामंजस्य की कमी बनी हुई है.