फिलीपींस में खेती करते नज़र आए मोदी
पीएम मोदी आसियान सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मनिला में हैं, यहां उन्होंने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति समेत कई अन्य नेताओं से मुलाक़ात की। उन्होंने सोमवार को फिलीपींस के लॉस बनोस के इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट का दौरा किया। आपको बता दे कि बहुत जल्द इस तरह का रिसर्च इंस्टिट्यूट वाराणसी में खुलेगा। प्रधानमंत्री ने यहाँ एक फोटो प्रदर्शनी का भी दौरा किया जहाँ पर उन्होंने वाराणसी में खुलने वाले रिसर्च इंस्टिट्यूट के बारे में जानकारी दी। सोमवार को पीएम मोदी फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतर्ते के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे , इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है, जहां दोनों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
आपको बता दे आसियान शिखर बैठक में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, और जापान के अधिकारियों ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में प्रस्तावित चार-पक्षीय गठजोड़ के तहत सुरक्षा सहयोग को आकार देते हुए यहां पहली आधिकारिक बैठक की, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारत-प्रशांत क्षेत्र (इंडो-पैसेफिक) को मुक्त, खुला एवं साझा हितों को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। गौरतलब है कि इस रणनीतिक क्षेत्र में चीन अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। बैठक के बाद इसमें शामिल सभी चार देशों ने अपने अपने बयान जारी किये, जिसमें भारत-प्रशान्त महासागरीय क्षेत्र पर चर्चा को प्रमुख रूप से शामिल किया गया और सभी देशों ने नियम आधारित आदेश को बरकरार रखने और क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए काम करने का संकल्प जताया।
इस बैठक की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते दखल के बीच चारों देशों को मिलाकर एक समूह बनाने का कदम उठाया जा रहा है। चीन दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर दावा करता है जबकि वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान इसका विरोध कर रहे हैं. अमेरिका विवादित दक्षिण और पूर्वी चीन सागर पर दावे को लेकर चीन पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाता रहा है।