Breaking News

मोदी जी आप कहीं नहीं जाएंगे, हम जाने नहीं देंगे राहुल गांधी का पीएम मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग पर सीधा हमला

02 Nov, 2026 36

 

दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की महारैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। गृह मंत्री अमित शाह के उस हालिया बयान का जवाब देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे', राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि मोदी जी कहीं जा भी नहीं सकते और हम उन्हें जाने भी नहीं देंगे। राहुल गांधी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि देश में वोट धांधली और सरकारी मशीनरी के बेजा इस्तेमाल के मामलों में सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ही नहीं, बल्कि गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कानून के कटघरे में खड़ा होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता के साथ हुई किसी भी गड़बड़ी का हिसाब लिया जाएगा और हर हाल में इंसाफ दिलाया जाएगा।

 

अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने देश के मौजूदा हालात और संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और केंद्र सरकार ने देश की तमाम बड़ी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है। सीबीआई, ईडी, न्यायपालिका, पुलिस व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र अब स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय सत्ता के इशारे पर चल रहे हैं। राहुल गांधी ने याद दिलाया कि ये संस्थाएं किसी एक पार्टी, नेता या संगठन की नहीं, बल्कि देश के युवाओं और आम नागरिकों की हैं। जब इन संस्थाओं पर कुछ चुनिंदा लोगों का कब्जा हो जाता है, तो देश का किसान अपने अधिकार से वंचित रह जाता है, युवा 18-18 घंटे पढ़ाई करके भी नौकरी के लिए भटकता है और मजदूर को उसकी हाड़-तोड़ मेहनत का सही फल नहीं मिलता।

देश में बढ़ती आर्थिक असमानता पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज देश की अधिकांश धन-संपदा महज दो से तीन बड़े उद्योगपतियों की जेबों में सिमटकर रह गई है। एयरपोर्ट, रेलवे, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा उपकरण बनाने जैसे तमाम बड़े ठेके सीधे तौर पर अडानी जैसे उद्योगपतियों को सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े-बड़े उद्योगपतियों के लाखों-करोड़ों रुपये के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं, तब सरकार को कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन अगर देश के किसी गरीब किसान का बेटा या छोटा व्यापारी बैंक का कर्ज न चुका पाए, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाती है और उसकी संपत्ति तक कुर्क कर ली जाती है।

भारत की बहुसांस्कृतिक और समावेशी सोच को रेखांकित करने के लिए राहुल गांधी ने भगवान शिव की बारात और उनके तांडव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान शिव की बारात में हर जीव और हर वर्ग के व्यक्ति के लिए जगह होती है, ठीक उसी तरह भारत देश में भी हर नागरिक को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। महात्मा गांधी के विचारों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज ही सबसे ज्यादा मायने रखती है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, दलित, आदिवासी, महिलाएं और दिव्यांग—हर किसी को अपनी बात रखने की पूरी आजादी होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि उनकी यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नफरत की नहीं है, बल्कि देश के संविधान, लोकतंत्र और उसकी आत्मा को बचाने की है, जिसे नफरत के बजाय सिर्फ प्रेम, शांति और भाईचारे से ही जीता जा सकता है।

अन्य खबरे