नगरसेवक हत्या मामले में माफिया सरगना अरुण गवली को राहत नहीं
संवाददाता/in24 न्यूज़.
अखिल भारतीय सेना के अध्यक्ष और मागिया सरगना अरुण गवली को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत शिवसेना नगरसेवक की हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा 2012 में दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है. न्यायमूर्ति बी. पी. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति स्वप्ना जोशी एक खंडपीठ ने पूर्व विधायक गवली के साथ ही इस अपराध में शामिल उसके कुछ अन्य सहयोगियों की सजा की भी पुष्टि की. उल्लेखनीय है कि गवली द्वारा भेजे गए कुछ हमलावरों ने मार्च 2008 में शिवसेना पार्षद कमलाकर जमसांडेकर के घाटकोपर स्थित घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी थी. दो महीने के बाद गवली को गिरफ्तार कर लिया गया और एक विशेष अदालत ने उसे 2012 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसकी पुष्टि अब बम्बई हाईकोर्ट ने भी कर दी है. माफिया डॉन तब से जेल में है और वर्तमान में वह नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है.